प्रदेशभर में आयोजित हो रहे ग्राम उत्थान शिविरों की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। मुख्य सचिव ने शासन सचिवालय में आयाजित बैठक में शिविरों के प्रभावी क्रियान्वयन की विभागवार एवं जिलेवार विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है। शिविरों के प्रथम चरण के तीन दिनों में प्रदेश के 941 गिरदावर सर्किलों में शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 6 लाख 59 हजार 208 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया।
उन्होंने बताया कि इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सहित 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। शेष ग्राम उत्थान शिविर 31 जनवरी, 1 फरवरी तथा 5 से 9 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से प्रदेश के 2,839 गिरदावर सर्किलों को कवर किया जाएगा।
कृषि व पशुपालन क्षेत्र में व्यापक लाभ—
कृषि विभाग द्वारा 2.26 लाख किसानों को फसल बीमा एवं 2.33 लाख ग्रामीणों को एमएसपी की जानकारी दी गई। साथ ही 1.80 लाख से अधिक बीज मिनीकिट वितरण का सत्यापन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा 2.60 लाख पशुओं का उपचार, 47 हजार पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में पंजीकरण तथा 20 हजार से अधिक टीकाकरण किए गए।
ऊर्जा, सहकारिता व पंचायती राज में उल्लेखनीय उपलब्धियां—
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 19,025 पात्र परिवारों के आवेदन भरवाए गए। सहकारिता विभाग द्वारा 15 हजार नए किसान क्रेडिट कार्ड, 25 हजार सदस्यता आवेदन स्वीकृत तथा 4,100 से अधिक बैंक खाते खोले गए। पंचायती राज विभाग ने 32 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए।
शिविरों में आगामी वर्ष की गतिविधियों के आवेदन पत्र तैयार करवाए जा रहे हैं, इस वर्ष के अनुदान आवेदनों की वर्तमान स्थिति तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही जटिल प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सभी आवेदनों का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण कर योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है।





