मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने तिलोनिया में लखपति, सोलर एवं राजीविका दीदीयों से संवाद किया। उन्होंने इन योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को स्वावलम्बी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। यहां 10 राजीविका दीदीयों को टैबलेट भी वितरित किए गए। मुख्य सचिव ने सोलर दीदी प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया।
इस दौरान सोलर मास्टर ट्रेनर मगन कंवर ने लर्निंग बाय डूइंग आधारित सोलर प्रशिक्षण मॉडल का प्रदर्शन किया। वहीं सोलर दीदी सिमरन ने वोल्ट, वाट एवं एम्पीयर संबंधी तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। इससे मुख्य सचिव अत्यंत प्रभावित हुए। गौरतलब है कि तिलोनिया स्थित समाज कार्य अनुसंधान केन्द्र व राजीविका के मध्य हुए एमओयू के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिलाएं तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार द्वारा 25 हजार सोलर दीदी तैयार करने की बजट घोषणा से महिला सशक्तीकरण के लिए प्रभावी पहल हुई है। इसे राजीविका के सहयोग से और अधिक विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन भविष्य की आवश्यकता है और हर क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों के रखरखाव में सोलर दीदी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान राजीविका से जुड़ी 10 लखपति दीदीयों को टैबलेट वितरित किए गए। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि स्वावलम्बी बनें और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़, जिला कलक्टर श्री लोकबंधु, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी, उपखंड अधिकारी श्री रजत यादव सहित अन्य अधिकारी, संस्था के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में राजीविका दीदी उपस्थित रहीं।


