सवाई माधोपुर के रणथंभौर में बाघिन रिद्धि अपने दो शावकों के साथ टूरिस्ट की जिप्सी के बेहद करीब पहुंच गई। करीब 15 मिनट तक बाघिन और उसके दोनों शावक पर्यटकों की गाड़ी के आसपास घूमते रहे, जिससे जिप्सी में बैठे सैलानियों की सांसें अटक गईं।
घटना गुरुवार सुबह की है, जब बाघिन रिद्धि अपने दोनों शावकों के साथ रणथंभौर दुर्ग के गेट, जोगी महल और त्रिनेत्र गणेश मंदिर के रास्ते पर दिखाई दी। जंगल की ओर सफारी पर जा रहे पर्यटक जब रास्ते में रुके, तभी बाघिन और उसके शावक अचानक टूरिस्ट जिप्सी के पास आ गए। इस दौरान सभी पर्यटक पूरी तरह शांत रहे और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघिन रिद्धि कभी दुर्ग के गेट के पास बैठती नजर आई तो कभी वहां रखी चारपाई के पास टहलती रही। कभी वह दीवार पर चढ़ती दिखी तो कभी सीढ़ियों से उतरकर दीवार पर बैठ गई। उसके दोनों शावक भी आसपास ही घूमते रहे। यह पूरा दृश्य रोमांच से भरपूर था, लेकिन किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
बाघिन के दुर्ग गेट पर पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया। सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग के गेट तुरंत बंद कर दिए गए और पर्यटकों को जिप्सी से नीचे नहीं उतरने की सख्त हिदायत दी गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने बाघिन रिद्धि और उसके शावकों की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी और ट्रैकिंग शुरू की।
करीब 15 मिनट बाद बाघिन रिद्धि अपने दोनों शावकों के साथ शांतिपूर्वक जंगल की ओर लौट गई। वन विभाग ने राहत की सांस ली और पर्यटकों को सुरक्षित आगे रवाना किया। यह घटना रणथंभौर में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता और जंगल से सटे इलाकों में सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर दर्शाती है।


