सवाई माधोपुर स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार शाम शहर में भव्य म्यूजिकल लाइट शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दशहरा मैदान में आयोजित इस खास कार्यक्रम में बॉलीवुड के मशहूर गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी शानदार प्रस्तुति से समां बांध दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी और आसपास के क्षेत्रों से आए लोग शामिल हुए और देर रात तक संगीत के रंग में रंगे नजर आए।
कैलाश खेर ने मंच से अपने लोकप्रिय गीत ‘बम लहरी’, ‘तेरी दीवानी’, ‘हंस दे हंस दे’ और ‘आदि योगी’ जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। जैसे ही उनके गीत गूंजे, दर्शक झूमने लगे और पूरा दशहरा मैदान तालियों और उत्साह से भर उठा। म्यूजिकल लाइट्स और साउंड इफेक्ट्स ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।

अपने संबोधन में कैलाश खेर ने कहा कि वह केवल मनोरंजन के लिए नहीं गाते, बल्कि लोगों को “जगाने और चेतना को जागृत करने” आए हैं। उन्होंने सवाई माधोपुर को जागृत धरती बताते हुए कहा कि यहां की ऊर्जा अलग है और इसी ऊर्जा से जुड़ने वह यहां पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने रणथंभौर टाइगर सफारी से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सुनाया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सफारी के दौरान टाइगर तो उन्हें नहीं दिखा, लेकिन “टाइगर को खेर जरूर दिख गया”, जिस पर दर्शकों में ठहाके गूंज उठे।
कार्यक्रम के दौरान कैलाश खेर ने जिला कलेक्टर कानाराम, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल, जिला परिषद सीईओ गौरव बुडानिया और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक मधुसूदन सिंह चारण को मंच पर आमंत्रित किया और सभी को अपने गीतों पर नचाया। प्रशासनिक अधिकारियों का यह अनौपचारिक अंदाज देखकर दर्शक और भी उत्साहित हो गए।
कार्यक्रम के समापन पर भव्य आतिशबाजी की गई, जिसने स्थापना दिवस समारोह को यादगार बना दिया। इसके बाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंच से सवाई माधोपुर वासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और आयोजन के लिए जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग का आभार जताया। उन्होंने भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंच पर डांस कर कार्यक्रम का आनंद लिया। कुल मिलाकर, यह सांस्कृतिक संध्या सवाई माधोपुर के स्थापना दिवस को एक अविस्मरणीय उत्सव में बदल गई।


