राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों का विरोध लगातार उग्र होता जा रहा है। टिब्बी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन ने आज भी एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर रखी हैं। किसानों और कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

गुरुवार सुबह टिब्बी में किसानों की सभा में शामिल होने जा रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाईवे पर ही कई किलोमीटर पहले रोक दिया, जिससे मौके पर हल्का तनाव बन गया। इधर फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लगभग 30 परिवार सुरक्षा के डर से अपने घर खाली कर चुके हैं।
बवाल की सबसे बड़ी घटना बुधवार (10 दिसंबर) को सामने आई, जब सैकड़ों किसान राठीखेड़ा गांव में स्थित ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणाधीन फैक्ट्री की दीवार तोड़कर अंदर घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस में आग लगा दी, जिसके बाद पुलिस और किसानों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इससे गुस्साए किसानों ने 14 गाड़ियां जला दीं।
इस हिंसा में कांग्रेस विधायक समेत 70 से अधिक लोग घायल हुए। कई घायल किसान रातभर टिब्बी के गुरुद्वारे में ही रुके रहे।

यह विरोध कोई नया नहीं है। सितंबर 2024 से जून 2025 तक करीब 10 महीने शांतिपूर्ण आंदोलन चलता रहा। जुलाई 2025 में विरोध तेज हुआ, जब कंपनी ने बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू किया। 19 नवंबर को पुलिस सुरक्षा में फिर से निर्माण शुरू हुआ, जिसके बाद किसानों का गुस्सा फिर भड़क गया। कई किसान नेता गिरफ्तार भी हुए।
चंडीगढ़ की ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी राठीखेड़ा में 40 मेगावाट का अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट बना रही है। कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के EBP – Ethanol Blended Petrol कार्यक्रम को मजबूत करेगा।
फिलहाल टिब्बी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है।


