सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का दौरा कर परिवादियों से फोन पर सीधे संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।
अपर्णा अरोड़ा ने इस दौरान विभागीय अधिकारियों के साथ प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि, लंबे समय से लंबित मामलों तथा संतुष्टि श्रेणियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले एक वर्ष में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संबंधित 2,59,977 परिवाद राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त हुए, जिनमें से 2,53,106 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है। इन शिकायतों का औसत निस्तारण समय लगभग 13 दिन रहा तथा 71 प्रतिशत परिवादियों ने समाधान पर संतुष्टि व्यक्त की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय अपनाए जाएं तथा परिवादियों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने निस्तारित प्रकरणों के संबंध में परिवादियों से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार लोक शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से सभी विभागों के सचिव 4 मार्च से 28 अप्रैल तक निर्धारित तिथियों में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर स्वयं उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई, तथ्यात्मक समीक्षा और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।


