अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन, इन्दिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग अभय कुमार ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन (181) पहुंचकर परिवादियों से कॉल पर संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
अभय कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि, लंबे समय से लंबित मामलों, कम संतुष्टि प्राप्त श्रेणियों तथा जल संसाधन विभाग से संबंधित शिकायतों की विस्तृत एवं तथ्यात्मक समीक्षा की। पिछले एक वर्ष में जल संसाधन विभाग द्वारा 11501 में से 95 % परिवाद का औसत 22 दिवस की अवधि में निस्तारण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय अपनाने जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को परिवादियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग, इन्दिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की वर्तमान स्थिति का भी मूल्यांकन किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में लोक शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से सभी विभागों के प्रभारी सचिव 4 मार्च से 28 अप्रैल तक राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर निर्धारित तिथियों में स्वयं उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई, तथ्यात्मक समीक्षा तथा त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर जल संसाधन विभाग, इन्दिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग तथा राजस्थान सम्पर्क हेल्पाइन के अधिकारी मौजूद रहे।


