जयपुर के सिटी पैलेस स्थित सर्वतोभद्र चौक में आमेर नरेश राजा मानसिंह प्रथम की 475वीं जयंती भव्य और गरिमामय रूप से मनाई गई। महाराजा सवाई मानसिंह म्यूजियम ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, इतिहासकारों, पत्रकारों और जयपुर के गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरा वातावरण इतिहास, गौरव और संस्कृति की भावना से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी रहीं। उन्होंने राजा मानसिंह प्रथम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने लेखक मनोहर सिंह की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राजा मानसिंह प्रथम न केवल वीर योद्धा थे, बल्कि कुशल प्रशासक और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक भी थे। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

सिटी पैलेस कला एवं संस्कृति विभाग के ओएसडी रामू रामदेव ने बताया कि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार में ढूंढाड़ क्षेत्र के अनेक साहित्यकारों, पत्रकारों और इतिहासकारों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने राजा मानसिंह प्रथम के जीवन, पराक्रम, प्रशासनिक दक्षता और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं इतिहासकार प्रो. गोविन्द शंकर शर्मा, सुभाष शर्मा, जितेन्द्र सिंह शेखावत, कल्याण सिंह शेखावत, राघवेन्द्र मनोहर सिंह, ब्रजराज सिंह सिरस और शिवराज पाल सिंह करौली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। ढूंढाड़ी कवियों ने कविताओं के माध्यम से राजा मानसिंह प्रथम के शौर्य और गौरवगाथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने इस आयोजन को इतिहास और संस्कृति को जीवंत रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। राजा मानसिंह प्रथम की जयंती पर आयोजित यह समारोह जयपुर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त उदाहरण बना।


