ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच जंग को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बन सकती है। ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने दोनों देशों को एक प्रस्ताव सौंपा है, जिसे अस्थायी रूप से ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ नाम दिया गया है।
इस प्रस्ताव को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में तत्काल सीजफायर लागू करने की बात कही गई है, जबकि दूसरे चरण में 15 से 20 दिनों के भीतर स्थायी समझौते को अंतिम रूप देने की योजना है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने इस डील को लेकर अमेरिकी और ईरानी नेताओं के साथ पूरी रात बातचीत की है।
प्रस्ताव के तहत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर भी जोर दिया गया है, ताकि तेल सप्लाई सामान्य हो सके। इससे पहले अमेरिकी मीडिया ‘एक्सिओस’ ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच 45 दिन का अस्थायी सीजफायर लागू किया जा सकता है, जिसके दौरान स्थायी शांति समझौते पर चर्चा होगी। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के साथ-साथ मिस्र और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल के हमले तेज होते हैं, तो वह वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज के अलावा अन्य महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है।
ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़े हमले का जवाब केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार को प्रभावित करके दिया जाएगा। उन्होंने अली अकबर वेलायती जैसे अहम समुद्री मार्गों के भी खतरे में आने की बात कही।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए होर्मुज स्ट्रेट खोलने की मांग की है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। आने वाले 48 घंटे इस संभावित डील और क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।


