ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध का असर पूरी दुनिया के कमोडिटी बाजार पर दिख रहा है, खासकर सोना और चांदी पर। इस समय इन दोनों की कीमतों में तेजी और भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
📈 सोना और चांदी क्यों बढ़ रहे हैं
- युद्ध और वैश्विक तनाव के समय निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) जैसे सोना-चांदी में लगाते हैं।
- इसी कारण मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ते ही सोने-चांदी की मांग तेजी से बढ़ी और कीमतों में उछाल आया।
💰 भारत में हाल की कीमतें (युद्ध के बीच)
- MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।
- चांदी का भाव ₹2.65–2.70 लाख प्रति किलो के करीब चल रहा है।
कुछ दिनों पहले युद्ध की खबर के बाद
- सोना लगभग ₹1.73 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।
- चांदी करीब ₹2.95 लाख प्रति किलो तक चढ़ गई थी।
⚠️ लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव भी
- कई बार डॉलर मजबूत होने या निवेशकों के मुनाफा बुक करने से सोने-चांदी में थोड़ी गिरावट भी आ जाती है।
- इसलिए फिलहाल बाजार बहुत ज्यादा अस्थिर (volatile) बना हुआ है।
🔮 आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार यदि
- युद्ध लंबा चलता है तो सोना और चांदी और महंगे हो सकते हैं
- सोना ₹1.70–1.72 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है और चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
✅ सार:
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर जा रहे हैं, इसलिए सोने-चांदी का रुख फिलहाल ऊपर की ओर है, लेकिन बीच-बीच में गिरावट के साथ बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है।


