उदयपुर में बुधवार को होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गांधी ग्राउंड में 300 से अधिक महिलाओं ने अंतिम रिहर्सल किया। सभी आयु वर्ग की प्रतिभागियों की व्यापक भागीदारी के साथ कार्यक्रम का उद्देश्य लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उदयपुर में होने वाले घूमर महोत्सव की तैयारियां मंगलवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गईं। गांधी ग्राउंड स्थित भंडारी दर्शक मंडप में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक पूर्वाभ्यास किया। राजस्थान की पारंपरिक लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और महिलाओं को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव के लिए उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
सात संभागों में एक साथ होगी प्रस्तुति
राज्य के सात संभाग मुख्यालयों पर बुधवार को एक साथ घूमर नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। उदयपुर में जैसे-जैसे तैयारियों का दौर तेज हो रहा है, वैसे-वैसे प्रतिभागियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। प्रमुख कार्यक्रम भंडारी दर्शक मंडप में आयोजित होगा। पर्यटन विभाग ने प्रतिभागियों की मदद के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई है।
हर आयु वर्ग की महिलाओं की भागीदारी
नगर निगम के दीनदयाल सभागार में चल रही प्रशिक्षण कार्यशाला में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने पारंपरिक पदचाल, ताल और लय का अभ्यास किया। विशेषज्ञों की देखरेख में घूमर की एकरूप प्रस्तुति की तैयारी कराई जा रही है। इस आयोजन में 12 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाएं, युवतियां, गृहिणियां, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, डांस स्कूलों की छात्राएं और कॉलेज की प्रतिभागियां शामिल होंगी। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों श्रेणियों में भाग लेने का अवसर दिया गया है। समूह वर्ग में 20 से 25 सदस्य शामिल होंगे।
घूमर महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ सामूहिक नृत्य, पोशाक, आभूषण और नृत्य-निर्देशन जैसी श्रेणियों में 7 हजार से 21 हजार रुपये तक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेता समूहों को प्रदेशभर में आयोजित होने वाले आगामी पर्यटन महोत्सवों में मंच पर प्रस्तुति देने का मौका भी मिलेगा। यह पहल उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा शुरू की गई है और इसका लक्ष्य विश्व कीर्तिमान दर्ज कराने का भी है।


