मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करने के बाद अधिकारियों की बैठक ली और एयरपोर्ट निर्माण से लेकर इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने रीको के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एयरपोर्ट के दो वर्षों के निर्माण काल के दौरान ही इसके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास का ठोस रोडमैप तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कोटा और बूंदी के जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश एमओयू की समीक्षा हो। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट से कोटा और बूंदी शहर की कनेक्टिविटी को और भी सुगम और विश्वस्तरीय बनाने के लिए संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही, लालसोट-दौसा मेगा हाईवे के चौड़ाईकरण के प्रस्ताव पर कार्य करने के भी निर्देश दिए, ताकि यातायात सुगम हो और क्षेत्र में पर्यटन विकास को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में हर प्रकार के विकास की संभावनाएं तलाशी जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिल सकें।
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से कड़ी मॉनिटरिंग की जाए। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जावे ताकि यह प्रोजेक्ट भविष्य की कसौटियों पर पूरी तरह खरा उतरे।
बैठक में केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, हरिमोहन शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, संभागीय आयुक्त एवं कोटा और बूंदी के कलक्टर भी मौजूद रहे।


