जयपुर। भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव बुधवार सुबह अपने दोस्तों के साथ जयपुर के प्रसिद्ध झालाना लेपर्ड रिजर्व पहुंचे। कड़ाके की सर्दी के बीच उन्होंने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया और व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल से दूर प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताए। उनकी इस यात्रा ने एक बार फिर झालाना लेपर्ड रिजर्व को सुर्खियों में ला दिया है।
सफारी के दौरान सूर्यकुमार यादव ने झालाना की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से निहारा। जंगल का शांत वातावरण, अरावली की पहाड़ियां, घने पेड़-पौधे और पक्षियों की चहचहाहट ने उन्हें खासा प्रभावित किया। सफारी के दौरान जब उन्हें लेपर्ड के दीदार का मौका मिला तो उनकी खुशी साफ नजर आई। लेपर्ड को खुले जंगल में देखकर सूर्यकुमार यादव काफी उत्साहित दिखाई दिए और उन्होंने इस पल को यादगार बताया।
उन्होंने झालाना लेपर्ड रिजर्व की जैव विविधता, सुव्यवस्थित सफारी व्यवस्था और शांत माहौल की जमकर तारीफ की। वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखने के प्रयासों ने भी उन्हें प्रभावित किया। क्रिकेट जैसे प्रतिस्पर्धात्मक खेल से जुड़े खिलाड़ी के लिए यह अनुभव मानसिक रूप से काफी सुकून देने वाला रहा।
इस दौरान रेंजर जितेंद्र सिंह शेखावत ने सूर्यकुमार यादव का स्वागत किया और उन्हें झालाना लेपर्ड रिजर्व की विशेषताओं, यहां पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीवों, लेपर्ड संरक्षण कार्यक्रमों और वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। सूर्यकुमार यादव ने राजस्थान वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव जयपुर में आयोजित विजय हजारे ट्रॉफी मुकाबलों में हिस्सा लेने के लिए शहर आए हुए हैं। मंगलवार को वे मुंबई टीम की ओर से हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में शामिल हुए थे। मैच के बाद मिले खाली समय में उन्होंने झालाना लेपर्ड रिजर्व की सफारी का प्लान बनाया।
यह पहली बार नहीं है जब सूर्यकुमार यादव झालाना पहुंचे हों। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में वे अपनी पत्नी के साथ भी यहां सफारी करने आए थे। तब झालाना की खूबसूरती और लेपर्ड के प्राकृतिक माहौल ने उन्हें इतना आकर्षित किया कि जयपुर आने पर उन्होंने एक बार फिर यहां पहुंचकर लेपर्ड का करीब से दीदार करना पसंद किया।


