जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 12 वर्षीय छात्रा अमायरा की पांचवीं मंजिल से गिरकर मौत ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक संघ ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज व सबूतों की जांच में जुटी है।
राजधानी जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया। कक्षा 6 में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा अमायरा, पुत्री विजय कुमार, स्कूल की पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अमायरा नीचे झाड़ियों में गिरी और सिर दीवार से टकरा गया। घटना के तुरंत बाद स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और बच्ची को मेट्रो मास अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिस स्थान से छात्रा गिरी, वहां सीढ़ियों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद अभिभावक संघ ने स्कूल प्रशासन पर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि स्कूल को सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे ताकि इस तरह की त्रासदी रोकी जा सके।
अभिषेक जैन ने यह भी सवाल उठाया कि जब बच्ची स्कूल की छत पर गई, तो उसे रोका क्यों नहीं गया? उनका कहना है कि स्कूल के कुछ बच्चों ने उन्हें बताया कि टीचर्स की डांट से परेशान होकर बच्ची छत पर चली गई थी। अभिभावक संघ ने इस घटना को स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की विफलता करार दिया है।
हादसे के बाद सबूत मिटाने के आरोप, प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद स्कूल ने मौके की सफाई करवा दी और खून के धब्बे मिटा दिए, जबकि कानून के अनुसार ऐसे मामलों में घटनास्थल के सबूतों को सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। इस व्यवहार को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्कूल परिसर में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौजूद है। टीम घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़, जांच से उम्मीदें
जानकारी के अनुसार, मृतका अमायरा के पिता विकास कुमार एलआईसी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां बैंक ऑफ बड़ौदा में मैनेजर हैं। परिवार पर इस हादसे के बाद दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। इस बीच, शहरभर में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।


