जयपुर: नववर्ष 2026 के जश्न को लेकर राजधानी जयपुर सहित पूरे राजस्थान में पर्यटकों की जबरदस्त आवक देखने को मिल रही है। शीतकालीन अवकाश और क्रिसमस–न्यू ईयर वीक के चलते देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी प्रदेश की प्रमुख पर्यटन नगरीयों का रुख कर रहे हैं। इस समय सबसे ज्यादा भीड़ जयपुर में नजर आ रही है, जहां हर रोज करीब 40 से 50 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 30 से 35 प्रतिशत सैलानी विदेशी बताए जा रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर के आसपास के प्रोफेशनल्स भी वीकेंड पर जयपुर आ रहे हैं।
पर्यटकों की भारी आवक के कारण जयपुर के परकोटा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है। त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जल महल और आमेर मार्ग पर लगातार पर्यटक वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन के अनुसार एक ही दिन में राजधानी जयपुर में एक लाख से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। ट्रैफिक पुलिस, पर्यटक सहायता बल और होमगार्ड्स के जवान जाम से निपटने के लिए लगातार तैनात हैं।
राजधानी जयपुर में हॉलिडे टूरिज्म अपने चरम पर पहुंच गया है। नाहरगढ़, कूकस और ढूंढ की पहाड़ियों पर खास भीड़ देखी जा रही है। नाहरगढ़, जयगढ़, आमेर किला, जंतर-मंतर, हवा महल, जल महल, बायोलॉजिकल पार्क, कानोता बांध, भूतेश्वर महादेव, झालाना लेपर्ड रिजर्व और कनक घाटी जैसे पर्यटन स्थलों पर दिनभर रौनक बनी हुई है।
जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों में रिकॉर्ड भीड़ दर्ज की जा रही है। हवा महल और जंतर-मंतर पूरी तरह भरे हुए हैं, जबकि आमेर, जयगढ़ और नाहरगढ़ किलों में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। अल्बर्ट हॉल और ईसरलाट में भी देशी-विदेशी पर्यटकों की भारी आवाजाही है। पर्यटन विभाग के अनुसार होटल ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा जयपुर की वैश्विक पहचान को और मजबूत कर रहा है, जिससे पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिल रही हैं।


