देश भर के 60 से ज्यादा सक्षम तीरंदाजों के बीच समान परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धा करते हुए जम्मू-कश्मीर की 18 वर्षीय तीरंदाज शीतल सोनीपत में हुए चार दिवसीय राष्ट्रीय चयन ट्रायल में तीसरे स्थान पर रहीं।
जन्म से ही भुजाहीन पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने गुरुवार को एक और उपलब्धि हासिल करते हुए जेद्दा में होने वाले आगामी एशिया कप चरण तीन के लिए भारत की सक्षम जूनियर टीम में जगह बनाई। विश्व कंपाउंड चैंपियन शीतल के लिए एक सक्षम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में शामिल होना एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है।
‘मेरा एक छोटा सा सपना था…’
शीतल ने टीम की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘जब मैंने प्रतिस्पर्धा शुरू की थी तो मेरा एक छोटा सा सपना एक दिन सक्षम तीरंदाजों के साथ प्रतिस्पर्धा करना था। शुरुआत में मैं इसमें सफल नहीं हो पाई, लेकिन मैं हर असफलता से सीखते हुए आगे बढ़ती रही। आज वह सपना एक कदम और करीब आ गया है।’

ओजनूर क्यूर गिर्डी से प्रेरणा ली
पेरिस पैरालंपिक 2024 में मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली शीतल ने तुर्की की पेरिस पैरालंपिक चैंपियन ओजनूर क्यूर गिर्डी से प्रेरणा ली जो विश्व स्तर पर सक्षम तीरंदाजों की स्पर्धाओं में भी भाग लेती
क्वालिफिकेशन में 703 अंक हासिल किए
देश भर के 60 से ज्यादा सक्षम तीरंदाजों के बीच समान परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धा करते हुए जम्मू-कश्मीर की 18 वर्षीय तीरंदाज शीतल सोनीपत में हुए चार दिवसीय राष्ट्रीय चयन ट्रायल में तीसरे स्थान पर रहीं। शीतल ने क्वालिफिकेशन दौर में 703 अंक हासिल किए (पहले दौर में 352 और दूसरे दौर में 351) जो शीर्ष क्वालीफायर तेजल साल्वे के कुल अंक के बराबर स्कोर था।

शीतल ने तीसरा स्थान हासिल किया
फाइनल रैंकिंग में तेजल (15.75 अंक) और वैदेही जाधव (15 अंक) ने शीर्ष दो स्थान हासिल किए, जबकि शीतल ने 11.75 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। शीतल ने महाराष्ट्र की ज्ञानेश्वरी गडाधे को 0.25 अंक के मामूली अंतर से पीछे छोड़ा।


