उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देशन में राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा तथा पोषण माह के नियमित आयोजन से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के पहले 6 साल सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही पोषण और देखभाल के लिए पूरे समुदाय की भागीदारी जरुरी है, सही पोषण से ही देश रोशन होगा। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा में इस बार भी राजस्थान को प्रथम स्थान मिले, इसके लिए आईसीडीएस को कड़ी मेहनत करनी होगी।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अष्टम राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के दूसरे दिन शुक्रवार को जयपुर के विद्याधर नगर सेक्टर-4 स्थित जेपी कॉलोनी, वार्ड 24 की आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित पोषण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उक्त विचार व्यक्त किये।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो बच्चें आज जन्म ले रहे हैं वो 2047 तक पूर्ण युवा हो जाएंगे। यदि उन बच्चों को सही पोषण शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान किया जाए तो 2047 में जब वे युवा होकर देश का नेतृत्व करेंगे तो देश का भविष्य निश्चित ही सुरक्षित और मजृबूत हाथों में होगा और देश दुनिया में अपनी अलग पहचान कायम कर सकेगा।

दिया कुमारी ने कहा कि बच्चों के पोषण के प्रति जागरूकता लाने के लिए ही यह 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक भारत सरकार और राज्य सरकार की ओर से आँगनबाड़ी केंद्रों पर आठवां पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप लोग पोषण दूत हैं। आपके द्वारा ममतामय व्यवहार और कार्यो के सम्पादन से आंगनबाड़ियों पर आने वाले बच्चों को बेहतर पोषण मिलता है। आपके द्वारा बच्चों को खेल—खेल में सिखा कर शाला पूर्व शिक्षा के माध्यम से पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रदान किये जाने का पुनित कार्य प्रशंसनीय है।
दिया कुमारी ने कहा कि आईसीडीएस की टीम अच्छा काम कर रही है। इसी का सुपरिणाम है कि गत सितम्बर में आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह में राजस्थान ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, वहीं सप्तम पोषण पखवाड़ा में राजस्थान को पहला स्थान मिला। हमें इस पिछली सफलता को दोहराते हुए इस वर्ष फिर से राजस्थान को अव्वल लाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं और आम महिलाओं को पोषण की शपथ दिलवाई। उन्होंने नवचेतन मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित पोषण प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। वहीं, आंगनबाड़ी के बच्चों को न्यूट्री बार का वितरण किया। उन्होंने 6 माह तक के बच्चों को अन्नप्राशन करवाया।
महिला में बाल विकास सचिव पूनम ने कहा कि 6 वर्ष तक की आयु में बच्चों का 85 प्रतिशत मस्तिष्क विकसित हो जाता है। यदि इस आयु में बच्चों को उपयुक्त पोषण दिया जाए तो यह हमारा सबसे उत्पादक निवेश हो सकता है। इसलिए हमें बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

यूनिसेफ राजस्थान के स्टेट हैड के. एल. राव ने कहा कि आज पैदा होने वाले बच्चों को बेहतर पोषाहार देकर हम उनके मस्तिष्क का बेहतर विकास कर हमारे देश के भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक वासुदेव मालावत ने कहा कि पोषण पखवाड़ा की गतिविधियों को गांव—गांव ढाणी ढाणी स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए हम सभी को कड़ी मेहनत से काम करना होगा और राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान में अपना योगदान देकर इसे सफल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा के पहले दिन राजस्थान में राजस्थान से डैशबोर्ड पर एक लाख से अधिक गतिविधियों को अपलोड किया गया है।
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक पोषाहार अनुपमा टेलर सहित, जयपुर जिला आईसीडीएस उपनिदेशक पार्थवी शर्मा, उपनिदेशक आईसीडीएस डॉ. मंजू यादव सहित अधिकारी, कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महिलाएं उपस्थित रही।


