नई दिल्ली। देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अत्याधुनिक ‘सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन किया। इस नए परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय एकीकृत रूप से काम करेंगे। करीब 78 वर्षों से रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित हो रहा PMO आज से स्थायी रूप से सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो गया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ नाम की पट्टिका का अनावरण किया। परिसर की दीवार पर देवनागरी लिपि में ‘सेवा तीर्थ’ अंकित है, जिसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र लिखा गया है। यह संदेश सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली और सेवा भावना को दर्शाता है।
समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय से ही एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया। वहीं शाम 4 बजे पुराने साउथ ब्लॉक स्थित PM ऑफिस में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक आयोजित की गई, जो ब्रिटिश कालीन सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक रही। वर्ष 1947 से यही भवन देश की सत्ता का केंद्र रहा है।

नए कार्यालय में लिए गए बड़े फैसले
सेवा तीर्थ में कार्यभार संभालते ही प्रधानमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़ी कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए। सरकार के अनुसार, इन निर्णयों का उद्देश्य सीधे तौर पर आम नागरिकों को लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मंजूरी दी गई है, जिससे इलाज में देरी न हो। ‘लखपति दीदी योजना’ का लक्ष्य दोगुना कर 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का निर्णय भी लिया गया।
कृषि अवसंरचना कोष को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई है। वहीं स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं और उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा।
तीन इमारतों में होगा संचालन
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स तीन इमारतों— सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3 — में विकसित किया गया है। सेवा तीर्थ-1 में PMO, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय स्थित है। पहले ये सभी विभाग अलग-अलग स्थानों से संचालित होते थे, जिससे समन्वय में समय लगता था। अब एक ही परिसर में होने से निर्णय प्रक्रिया तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है।
कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर 2025 में यहां शिफ्ट हो चुका था, जबकि अब PMO और NSCS भी स्थानांतरित हो गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं, जहां विभिन्न मंत्रालयों के नए कार्यालय संचालित होंगे।
₹1189 करोड़ की लागत से तैयार
करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस आधुनिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण ₹1189 करोड़ की लागत से किया गया है। इसे तकनीक आधारित, सुरक्षित और स्मार्ट कार्य प्रणाली को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। परिसर के पास प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है, जो भविष्य में तैयार होगा।
‘सेवा तीर्थ’ का अर्थ है सेवा का स्थान। नाम के अनुरूप यह परिसर शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के प्रति उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए कार्यालय से सरकार के कामकाज में बेहतर समन्वय और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।


