राज्य के माइंस विभाग से जुड़ी 11 बजट घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्वयन की रणनीति बनाने में विभाग जुट गया है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने विभाग को बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में एक्टिव मोड़ पर लाते हुए 2026-27 की बजट घोषणाओं के संबंध में विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रस्ताव व कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। यह पहला मौका है जब आत्म निर्भर भारत अभियान के अनुरुप राज्य में आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस-मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग करते हुए क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिजों का एक्सप्लोरेशन, जियो फिजिकल सर्वें एवं ड्रिलिंग कार्य और जीएसआई के सहयोग से स्टेट ऑफ आर्ट-खनिज कोर लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने बजट घोषणा के बाद निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बजट घोषणाओं के अनुरुप योजनाओं के प्रारुप, नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन और घोषणाओं के अनुरुप क्रियान्वयन आदेश प्रारुप तैयार करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर की अध्यक्षता में अतिरिक्त निदेशक जेके गुरुबख्सानी और अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत की समिति गठित कर निदेशक खान के माध्यम से तीन दिवस में राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजने के लिए निर्देशित किया गया है।
सचिव टी. रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा स्वयं माइंस मंत्री भी है और उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में माइंस सेक्टर के सभी पहलूओं का समावेश करते हुए 2047 के आत्म निर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने का रोडमैप बनाते हुए बजट घोषणाएं की गई है और इससे प्रदेश में खनिज खोज-खनन, शोध एवं विकास, युवाओं को खनन क्षेत्र में विशेषज्ञता सहित नए कार्यों को नई दिशा मिलेंगी व प्रदेश में खनन क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन, निवेश, राजस्व व रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि बजट घोषणाओं को तीन भागों में विभाजित करते हुए रोडमैप बनाया जा रहा है। एक वह घोषणाएं जिनके क्रियान्वयन पर वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और विभागीय स्तर पर ही परीक्षण कर प्रशासनिक व विधिक आदेश जारी किए जा सकेंगे। इस श्रेणी की 3 बजट घोषणाएं है। दूसरी वह घोषणाएं जिनके लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार तो नहीं पड़ेगा पर वित व कार्मिक आदि अन्य विभागों से सहमति ली जानी होगी। इस तरह की चार बजट घोषणाएं है। तीसरी कैटेगरी में वह घोषणाएं हैं जिनको लागू करने पर सरकार पर वित्तीय भार पड़ेगा। इस तरह की 4 बजट घोषणाएं की गई है।


