मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए पहली बार दो वर्ष की उपलब्धियों का दस्तावेज सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दो साल में पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल की तुलना में अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य में सड़क, बिजली, पानी, कृषि, महिला, युवा कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में वर्तमान सरकार द्वारा दो साल में किए गए कार्यों का तुलनात्मक ब्यौरा सदन के सामने रखा और कहा कि राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को न केवल स्थिरता दी, बल्कि उसे गति और दिशा भी दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय जनकल्याण है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित तीन कर्तव्य – उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना और सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र पर हम प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। श्री शर्मा ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना एवं माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र और भारत की यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ ट्रेड डील्स के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कल्पवृक्ष खेजड़ी के लिए लाएंगे कानून—
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेजडी राजस्थान का कल्पवृक्ष भी है, राजस्थान की पहचान भी है, जिसकी बढते हुए रेगिस्तान को रोकने में हमेशा सार्थक भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को संजोने का कार्य कर रही है। हम राज्य के कल्पवृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए कानून भी लाएंगे, जिससे प्रदेश में खेजड़ी संरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया और केवल दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए। हमने लक्ष्य तय किया है कि पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाएंगे।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत बना चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारे देश ने विकास, विश्वास और आत्मसम्मान का एक नया इतिहास रचा है। देश की अर्थव्यवस्था जो 2014 में दुनिया में 11 वें स्थान पर थी। प्रधानमंत्री के सफल प्रयासों, ठोस निर्णयों एवं कुशल नेतृत्व से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन एवं जापान की अर्थव्यवस्था को भी पछाड़कर हमारी अर्थव्यवस्था 4.18 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करते हुए दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है।
दो वर्षों में ही राजस्व घाटे में आई 8 हजार करोड़ की कमी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय वित्तीय कुप्रबंधन ने ऐसा हाल कर दिया था कि खजाना खाली, योजनाएं अधूरी और भरोसा टूटा हुआ था। पिछली सरकार ने हमें विरासत में 5 लाख 79 हजार 781 करोड़ रूपये का कर्ज दिया था। बडे़ राज्यों की श्रेणी में पंजाब के बाद राजस्थान के ऊपर सर्वाधिक कर्ज था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में हमारी सरकार के आर्थिक प्रबंधन, सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों, बेस्ट प्रैक्टिसेज और प्रशासनिक सुधारों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में जो राजस्व घाटा 38 हजार 954 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था उसे 2025-26 के बजट अनुमानों में 31 हजार 9 करोड़ रुपये रहने की संभावना व्यक्त की गई है। हमारी सरकार 2 साल में ही राजस्व घाटे को करीब 8 हजार करोड़ रूपये कम करने में सफल रही है।
डबल इंजन सरकार में 19 हजार करोड़ से अधिक की पूंजीगत निवेश सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन से महंगाई पर लगाम लगी है और आम आदमी को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक केन्द्र सरकार से 15 हजार 803 करोड़ रुपये की राशि पूंजीगत निवेश सहायता के रूप में राजस्थान को प्राप्त हुई थी। लेकिन जब डबल इंजन सरकार बनी, तो रफ्तार भी डबल हो गई। हम दो साल में ही 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजीगत निवेश सहायता केन्द्र सरकार से लेकर आए हैं तथा आगामी वित्तीय वर्ष में भी 2 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजीगत निवेश सहायता केन्द्र से प्रदेश को मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 30 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत व्यय हुआ है, जो इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है। प्रदेश को इस वित्तीय वर्ष में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 90 हजार 445 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पिछले वर्ष से करीब 6 हजार 505 करोड़ रुपये अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो सालों के कार्यकाल में हमारा प्रदेश 11 जनकल्याणकारी योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसी प्रकार 5 राष्ट्रीय योजनाओं में दूसरे स्थान पर और 9 राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तीसरे स्थान के साथ ही दो प्रमुख आयामों में बेस्ट परफॉर्मर स्टेट का सम्मान हासिल किया है।
यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में—
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु परियोजना के महत्वपूर्ण घटक नवनेरा बैराज एवं ईसरदा बांध में जल संग्रहण प्रारंभ हो चुका है। साथ ही, बंध बारैठा (भरतपुर) तथा ब्राह्मणी बैराज (चित्तौडगढ) के लिए 14 हजार 676 करोड रुपये के सहमति पत्र भी जारी किये जा चुके हैं। इस परियोजना में अब तक 26 हजार करोड़ के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौते की डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में है। पाइपलाइन अलाइन्मेंट का सर्वे पूरा कर प्रस्तावित अलाइनमेंट का फील्ड वैरिफिकेशन भी किया जा चुका है। वहीं, हमने गंगनहर प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 1 हजार 717 करोड़ रूपये की सौगात दी तथा इंदिरा गांधी नहर के विकास कार्यों के लिए 4 हजार 731 करोड़ के काम शुरू किये हैं।
जल जीवन मिशन में 14 लाख से अधिक नल कनेक्शन—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारे आग्रह पर जल जीवन मिशन की अवधि को वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया है। हमारी सरकार ने विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग कर 14 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए हैं। संशोधित समय सीमा के भीतर जल जीवन मिशन के काम पूरे किये जायेंगे और प्रदेश की जनता को गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 5 वर्षों में 52 हजार 182 हैक्टेयर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई थी, जबकि हमने केवल 2 वर्षों में सतही जल एवं नहरी तंत्र से 99 हजार 562 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई है।
किसान सम्मान निधि को दो वर्ष में किया डेढ़ गुना—
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को समृद्ध और किसानों को खुशहाल बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। हम पांच साल के भीतर किसान सम्मान निधि को दोगुना करेंगे। दो साल के भीतर ही हम इसे डेढ़ गुना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को 10 हजार 508 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। वहीं, 48 हजार 325 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण प्रदान किए हैं। इस वित्तीय वर्ष में किसानों को ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना‘ के तहत 73 लाख 49 हजार फसल बीमा पॉलिसी जारी की गई तथा 6 हजार 415 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम का वितरण भी किया।
2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में 22 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है। हमने बिजली बिलों में 48 हजार 591 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि रबी 2025-26 में मांग से कहीं अधिक खाद उपलब्ध करायी है। पूर्ववर्ती सरकार के वर्ष 2022 से वर्ष 2024 तक के बकाया फसल बीमा प्रीमियम को हमारी सरकार ने चुकाकर किसानों को राहत देने का काम किया।
1 लाख युवाओं को दी नियुक्तियां, 1 लाख 55 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन—
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपरलीक के मामलों में एसआईटी गठित की और 140 एफआईआर दर्ज कर 428 से अधिक अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। 1 लाख 55 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। वहीं, हमने एक लाख सरकारी पदों पर भर्तियों का कैलेंडर भी जारी किया है। दो साल में निजी क्षेत्र में भी युवाओं के लिए 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
अपराधों में आई 14.13 प्रतिशत की कमी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कठोर कदमों से विगत 2 वर्षाे से अपराध के ग्राफ में निरन्तर कमी आई है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 में 14.13 प्रतिशत अपराधों में कमी दर्ज की गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर अत्याचार के मामलों में 28 प्रतिशत तथा महिला अपराधों में 10 प्रतिशत की कमी आई है।
1 करोड़ परिवारों को मिल रहा 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर—
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर में सुधार हो रहा है। पालनहार योजना के तहत 6 लाख 15 हजार से अधिक परिवारों को संबल देते हुए लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 16 लाख से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। वहीं, 20 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण एवं डिजीटल तकनीक से जोड़कर स्वरोजगार हेतु प्रेरित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 10 लाख 26 हजार से अधिक माताओं को 536 करोड़ रूपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के अंतर्गत 1 करोड़ परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
एनएफएसए में जोड़े 73 लाख 46 हजार नए लाभार्थी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। यह गरीब कल्याण के प्रति हमारे समर्पण और संकल्प को दिखाता है। हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दिखाए गए मार्ग लक्ष्य अंत्योदय, पथ अंत्योदय और प्रण अंत्योदय के भाव से प्रदेश में गरीब व्यक्ति के उत्थान और कल्याण के लिए काम कर रही है। हमने खाद्य सुरक्षा योजना में 73 लाख 46 हजार नए नाम शामिल किए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1 लाख 8 हजार से अधिक परिवारों को घर उपलब्ध करवाए हैं। सरकारी स्कूलों के 66 लाख विद्यार्थियों को गणवेश और स्कूल बैग के लिए 478 करोड़ रुपये सीधे प्रदान किए हैं। पं. दीनदयाल गरीबी मुक्त ग्राम योजना में गांवों में सर्वे कर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देकर गरीबी रेखा से ऊपर उठाया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में पूर्ववर्ती सरकार से 35 प्रतिशत अधिक का भुगतान—
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान तो समय पर कर ही रही है। साथ ही, पूर्ववर्ती सरकार की बकाया पेंशन का भी भुगतान किया है। पूर्ववर्ती सरकार के वर्ष 2023-24 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में केवल 9 हजार 500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि हमारी सरकार ने वर्ष 2024-25 में इससे लगभग 35 प्रतिशत अधिक 12 हजार 816 करोड़ रुपये भुगतान किया। इसी तरह, वर्ष 2025-26 में भी 10 हजार 874 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) में 100 दिन के रोजगार की जगह 125 दिन का रोजगार मिल सकेगा।
मा योजना में मिला 7 हजार 645 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अनेक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 36 लाख परिवारों को यह सुरक्षा कवच मिला है। इस योजना के तहत पिछले 2 वर्षों में 37 लाख 53 हजार रोगियों को 7 हजार 645 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार मिला है। ‘मा योजना’ के तहत करीब 30 हजार अस्पतालों का विशाल नेटवर्क योजना से जुड़ गया है और गंभीर रोगियों को अन्य राज्यों में उपचार की सुविधा मिल रही है।
34 नई नीतियां जारी, प्रदेश में औद्योगिक युग का हुआ सूत्रपात—
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नीतियों और त्वरित निर्णयों के कारण राजस्थान देशभर में निवेश का प्रमुख केन्द्र बन गया है। प्रदेश के विकास के लिए 34 नीतियां लेकर आए हैं। विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में हमारी सरकार के यह मजबूत कदम हैं। हमने पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान का आयोजन कर यहां औद्योगिक क्रांति के नए युग का सूत्रपात किया। इसके तहत किए गए 35 लाख करोड़ रूपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
प्रदेश का बिजली तंत्र हो रहा मजबूत—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का बिजली तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। पूर्ववर्ती सरकार में कुसुम कम्पोनेंट-सी फीडर लेवल सोलराइजेशन में 4.03 मेगावाट क्षमता का मात्र एक प्लांट ही स्थापित हुआ था जबकि हमारी सरकार ने इस कम्पोनेंट में 2 हजार 329 मेगावाट क्षमता के 898 प्लांट स्थापित किये हैं। साथ ही, कम्पोनेंट-ए में विगत सरकार के समय के 119 मेगावाट क्षमता के 91 प्लांट की तुलना में हमने 426 मेगावाट के 317 प्लांट स्थापित किये हैं।
प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता में 19 हजार 209 मेगावाट की बढ़ोतरी—
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे 5 वर्षों में प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता में कुल 14 हजार 878 मेगावाट की ही बढ़ोतरी हुई थी। जबकि हमने 25 महीनों में सौर ऊर्जा क्षमता में 19 हजार 209 मेगावाट की बढ़ोतरी की हैं। हमारी सरकार ने कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान के थर्मल विद्युत गृहों को आवंटित कोयला खानों से खनन चालू करवाया और हमे महीने में 700 से अधिक कोल रेक प्राप्त हो रहे हैं।
पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष की तुलना में हमने दो वर्ष में किए अधिक कार्य—
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल दो वर्ष में ही पूर्ववर्ती सरकार के पूरे कार्यकाल की तुलना में कहीं अधिक कार्य किए हैं। गत सरकार के पांच साल की तुलना में 13 हजार 160 किमी सड़कों की तुलना में हमने दो वर्ष में ही 16 हजार 430 किमी सड़क निर्माण किया है। साथ ही, बिजली उत्पादन क्षमता में 3 हजार 952 मेगावाट वृद्धि की तुलना में 7 हजार 395 मेगावाट की वृद्धि, नहरी तंत्र से सृजित सिंचाई सुविधा 91 हजार 582 हेक्टेयर की तुलना में 98 हजार 753 हेक्टेयर तथा खेतों में 1 करोड़ 13 लाख मीटर तारबंदी की तुलना में 3 करोड़ 44 लाख मीटर तारबंदी की गई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हम आगामी तीन वर्षों में विकास की गति को और रफ्तार देकर राजस्थान को देश में अग्रणी राज्य बनाएंगे और प्रदेश के जवान, किसान और महिला को आगे बढ़ाकर सम्मान दिलाएंगे। संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप हमारी सरकार प्रत्येक वर्ष किए गए नीतिगत निर्णय और विकास के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच में लेकर जाएगी।


