मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विगत दिनों में रामाश्रय वार्ड, मिशन लीवर स्माइल, मिशन मधुहारी, निरामय राजस्थान, पिंक पखवाड़ा जैसे नवाचार किए गए हैं। ये नवाचार रोगी केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विभाग ऐसे नवाचारों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और पेशेंट सेंट्रिक एप्रोच के साथ आपणो स्वस्थ राजस्थान के संकल्प को साकार रूप दे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हर अधिकारी एवं कार्मिक का सर्वोच्च लक्ष्य जीवन रक्षा हो।
मुख्य सचिव स्वास्थ्य भवन परिसर का निरीक्षण करने के बाद समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने विभाग द्वारा वृद्धजनों को सुविधा एवं सम्मानजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाने के लिए प्रारंभ किए गए रामाश्रय वार्ड नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदम आमजन की पीड़ा को कम करते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाते हैं। केंद्र सरकार ने देशभर में हुए प्रमुख नवाचारों में रामाश्रय का चयन किया है, यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने रामाश्रय वार्ड योजना का और विस्तार करने के निर्देश दिए।
वी श्रीनिवास ने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट कर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण करें। प्रदेशभर में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर विश्लेषण किया जाए कि कितने लोगों तक उसका लाभ पहुंच रहा है और उसमें सुधार की क्या आवश्यकता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि निचले स्तर तक चिकित्सा संस्थानों में मानव संसाधन का नियोजन पूरी प्लानिंग के साथ किया जाए, ताकि हर चिकित्सा संस्थान में क्वालिटी सर्विसेज मिल सके और वहां उपलब्ध संसाधनों एवं सेवाओं का पूरा उपयोग हो सके। अधिकारी ऐसे चिकित्सा संस्थान चिन्हित करें जहां रोगी भार अधिक रहता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं का पूरा लाभ लोगों तक पहुंचे, इसके लिए तकनीक का समुचित उपयोग करें। मॉनिटरिंग के लिए एक डेशबोर्ड बनाएं, जिसमें लाभान्वितों की पूरी जानकारी उपलब्ध हो। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत अधिकाधिक संख्या में डिकॉय आपरेशन किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य मानकों को और बेहतर करने के लिए सेवाओं को रोगी केंद्रित बनाए जाने पर विशेष बल दिया।
इससे पहले मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य भवन में विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन में साफ—सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। अभियान चलाकर अनावश्यक सामग्री को कार्यालयों से हटाया जाए और उचित प्रक्रिया अपनाकर उसका निस्तारण किया जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों को ईमानदारी एवं समर्पण भाव के साथ पूरा करें, ताकि बेहतर सर्विस डिलीवरी का हमारा उद्देश्य पूरा हो।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत एवं पेशेंट सेंट्रिक बनाने के लिए निरंतर नवाचारों को प्रोत्साहन दे रहा है। उन्होंने बताया कि विगत समय में मिशन मोड में भर्तियों का कार्य किया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर मानव संसाधन की उपलब्धता बेहतर हुई है। जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों को आवश्यकतानुसार नियोजित कर और अधिक संख्या में एफआरयू, ट्रोमा सेंटर, सीएचसी आदि को क्रियाशील बनाया जाएगा, ताकि लोगों को उपचार के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़े। उन्होंने आश्वस्त किया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जीवन रक्षा के लक्ष्य की दिशा में पूरी तत्परता एवं समर्पण के साथ कार्य करेगा।


