अरावली ग्रीन वॉल कार्यक्रम एवं एनसीआर क्षेत्र के हरितीकरण के संबंध में शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री के सलाहकार द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में अरावली पर्वत श्रृंखला क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल एवं मृदा संरक्षण कार्य तथा हरित आवरण विस्तार हेतु प्रस्तावित एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष हेतु हरियालो राजस्थान अभियान के तहत विभिन्न विभागों के आवंटित वृक्षारोपण लक्ष्यों की विभागवार समीक्षा एवं अरावली के अन्तर्गत आने वाले राजस्थान के जिलों में हरितीकरण गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि अरावली पर्वतमाला न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अरावली पर्वतमाला का सर्वाधिक क्षेत्र राजस्थान में स्थित है, जिससे राज्य की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार अरावली पर्वतमाला के सरंक्षण लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्र सरकार ने राजस्थान के अरावली जिलों में 52503.20 हैक्टेयर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करकर समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जुलाई से अभियान की प्रभावी शुरुआत-
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभी मानसून में समय है, इसलिए सभी संबंधित विभाग समय रहते आवश्यक तैयारियां पूर्ण करें और पौधारोपण की कार्ययोजना को धरातल पर उतारें। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि उसकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित की जाए।
थर्ड पार्टी मूल्यांकन की व्यवस्था-
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण एवं मूल्यांकन से वास्तविक प्रगति का आकलन संभव होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही को रोका जा सकेगा। इससे अभियान की विश्वसनीयता और परिणाम दोनों सुदृढ़ होंगे।
व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश-
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अरावली ग्रीन वॉल अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम पंचायतों, उद्योगों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक वर्ग इससे नहीं जुड़ेगा, तब तक अभियान अपने पूर्ण उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकेगा।
जिला कलक्टरों को प्लान ऑफ एक्शन बनाने के निर्देश-
मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों के लिए विस्तृत प्लान ऑफ एक्शन तैयार करें। इस योजना में पौधारोपण स्थलों की पहचान, प्रजातियों का चयन, संसाधनों की उपलब्धता, जनभागीदारी, निगरानी व्यवस्था और समयसीमा को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर प्रभावी योजना और मजबूत क्रियान्वयन से ही अभियान सफल होगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग, अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) पी. के. उपाध्याय, प्रमुख शासन सचिव, खान एवं पैट्रोलियम विभाग, टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, डॉ. देबाशीष पृष्टि सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, गृह, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वन एवं पर्यावरण, पशुपालन, युवा मामले एवं खेल, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख शासन सचिव/शासन सचिव/प्रभारी सचिव आदि मौजूद रहे। अरावली क्षेत्र से संबंधित जिला कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।


