मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड स्थित ग्राम बांदरसिंदरी में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को चेक एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए तथा काश्तकारों से संवाद कर सरकार की कृषक हितैषी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार किसानों को केंद्र में रखते हुए प्रदेशभर में ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के पश्चात जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम 2026 का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें किसानों को खेती एवं पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का परिदृश्य बदल रहा है और किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पॉलीहाउस तकनीक से किसान प्रतिवर्ष 10 से 20 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। इसी प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट स्थापित कर किसान न केवल अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना है तथा दिन में विद्युत उपलब्ध कराना इस दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने राजीविका महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं भी कृषि व ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
शिविर में किसानों से पॉलीहाउस, मछली पालन, फार्म पॉण्ड, तारबंदी एवं पीएम सूर्य घर योजना से मिल रहे लाभों की जानकारी ली गई। किसानों ने बताया कि इन योजनाओं से उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्य सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं स्वीकृति पत्र सौंपे।
संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार की मंशानुसार हर पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित कर वंचित वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से फसल बीमा कराने का भी आग्रह किया।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने कहा कि शिविरों में किसानों के आवेदन तैयार कर स्वीकृति जारी की जा रही है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, सहकारिता, ऊर्जा, ग्रामीण विकास एवं राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही सेवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने किसानों से समन्वित खेती मॉडल अपनाने का आग्रह किया।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृतियां प्रदान की गईं। इनमें फार्म पॉण्ड के 2 प्रकरण, कृषि यंत्र के 2 प्रकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के 5 प्रकरण, सोलर पंप के 4 प्रकरण तथा पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत चयनित कृषकों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां शामिल हैं। शिविर में दिनभर सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।


