राजस्थान में 23 जनवरी को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। इस दिन प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में मेगा पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) का आयोजन किया जाएगा, वहीं पीईईओ और यूसीईईओ स्तर के विद्यालयों में निपुण मेला आयोजित होगा। इस व्यापक शैक्षिक अभियान में लगभग 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है, जो इसे प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा अभिभावक-शिक्षक संवाद कार्यक्रम बनाएगा।
इस आयोजन का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जयपुर के कॉमर्स कॉलेज में होगा, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम में करीब 5 हजार विद्यार्थी, 1 हजार अभिभावक, 500 शिक्षक, कॉलेज शिक्षा विभाग से जुड़े 5 हजार प्रतिभागी और कौशल शिक्षा से 1 हजार प्रतिभागी शामिल होने की संभावना है। यह मंच विद्यार्थी–अभिभावक–शिक्षक की त्रिस्तरीय सहभागिता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षा से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ वितरित करेंगे। इसमें निःशुल्क साइकिल वितरण, लगभग 4 लाख बालिकाओं को डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरण और 6 लाख विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्टेशन वाउचर की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को संबोधित भी करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के डीओआईटी केंद्रों के माध्यम से राज्य के सभी राजकीय विद्यालय जिला और ब्लॉक स्तर पर इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ेंगे।
खास बात यह है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी होने के कारण प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाएगा और कृष्ण भोग लगाया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यालयों में सकारात्मक और सामूहिक वातावरण को मजबूत करेगी।
इसके साथ ही, प्रदेश के सभी पीईईओ एवं यूसीईईओ विद्यालयों में निपुण मेला आयोजित होगा। निपुण राजस्थान कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पठन, लेखन और गणना क्षमता को गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इससे अभिभावक अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।


