अगर आप भी राजस्थान रोडवेज की बसों में सफर करते हैं, तो आपने कभी ना कभी बिना टिकट यात्रा या कंडक्टर की मनमानी की शिकायतें जरूर सुनी होंगी। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा!
राजस्थान रोडवेज ने भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपना ली है। रोडवेज प्रशासन ने एक नई और सख्त पॉलिसी लागू की है, जिसके बाद अब बिना टिकट सफर कराने वाले, ड्यूटी पर नशा करने वाले और भ्रष्टाचार में लिप्त ‘दागी’ कंडक्टरों को सीधा बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। आइए देखते हैं रोडवेज के इस बड़े एक्शन की पूरी रिपोर्ट।
राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक purushottam sharma की ओर से हाल ही में एक नई ‘तबादला नीति’ को मंजूरी दी गई है। इस नई नीति का सबसे बड़ा फोकस उन दागी कंडक्टरों पर है, जो चंद रुपयों के लालच में रोडवेज को भारी चूना लगा रहे हैं। नए नियमों के तहत अब भ्रष्टाचार, बेटिकट यात्रा और ड्यूटी के दौरान शराब या नशे का सेवन करने वाले कर्मचारियों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस नए फरमान के मुताबिक, अगर किसी बस में चेकिंग के दौरान तीन या उससे ज्यादा बार बिना टिकट वाले यात्री ) पाए जाते हैं, तो उस कंडक्टर को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। बात यहीं खत्म नहीं होगी! सस्पेंशन के बाद जब बहाली होगी, तो उस दागी कंडक्टर को अगले 5 साल तक उसके पुराने डिपो में और 3 साल तक उस ज़ोन में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।
सिर्फ बेटिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि बस के स्पेयर टायर का गलत इस्तेमाल करने वालों पर भी सख्त एक्शन होगा। हालांकि, यह नई नीति सिर्फ सजा देने के लिए नहीं है। जो ईमानदार कंडक्टर रोडवेज की (Revenue) का टारगेट पूरा करेंगे और जिनके खिलाफ पिछले एक साल में कोई शिकायत दर्ज नहीं होगी, उन्हें इनाम के तौर पर उनकी मनपसंद जगह पर ट्रांसफर में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
जाहिर है, हाल ही में जिस तरह से भ्रष्टाचार के मामलों में कई रोडवेज कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था, उसके बाद प्रशासन का यह कदम बहुत जरूरी हो गया था। यह नया नियम न सिर्फ रोडवेज के घाटे को कम करेगा, बल्कि ईमानदार कर्मचारियों का हौसला भी बढ़ाएगा।


