राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान आज नवाचारों का गढ़ बन रहा है। राजस्थान सीसाइड स्टार्टअप समिट— 2026 के आयोजन ने इस बात को साबित किया है कि राजस्थान सरकार स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने में आगे है और यहां के स्टार्टअप अपने नवाचारों से देश—दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
सांसद मदन राठौड़ राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के सहयोग से ओपन इनोवेशन लोटस फाउंडेशन और आर्मेनिया सरकार द्वारा होटल ताज आमेर में आयोजित ‘राजस्थान सीसाइड स्टार्टअप समिट’ के अंतिम दिन पिच सैशन के ‘ग्रैंड फिनाले’ को संबोधित कर रहे थे।
सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि आज ई—वेस्ट को दुनिया की बड़ी समस्या माना जा रहा है। उन्होंने स्टार्टअप संचालकों का आह्वान किया कि वे ई—वेस्ट की समस्या को दूर करने के नवाचारी समाधान खोजें और उन पर काम करें। वे ऐसे काम करें, जिनसे देश और दुनिया का भला हो सके। श्री राठौड़ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए कहा कि आज के दौर में इसके लाभ भी हैं और नुकसान भी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए एआई का सदुपयोग करना जरूरी है, लेकिन इसके दुष्प्रभावों को रोकने के कदम उठाए जाने चाहिए।
पिच सैशन और फेस—ऑफ—
जयगढ़ बॉलरूम में आयोजित पिच सैशन के ‘ग्रैंड फिनाले’ में चयनित स्टार्टअप्स ने ज्यूरी के समक्ष अपना दमखम दिखाया। इनमें ट्रेवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काम कर रहे ‘ट्रेवस्टेक’, गौ—काष्ठ रिसाइक्लिंग करने वाले ‘अर्थ’, मशीनी बुद्धिमता से जुड़े ‘कैपेक्सिया डायनामिक्स’, जल प्रबंधन से जुड़े ‘गतिशील’, पारिवारिक पूंजी निवेश से जुड़े ‘वैल्थएक्स’, एक्टीविटीज और एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने वाले ‘औडोरा’ तथा मनोवैज्ञानिक एआई प्लेटफॉर्म ‘द बेसिक साइको’ शामिल थे। प्रत्येक स्टार्टअप को अपनी बात रखने के लिए तीन मिनट का समय दिया गया, जबकि ज्यूरी के सवाल—जवाब के लिए उनके पास पांच मिनट का वक्त था। इसके पश्चात् दो—दो स्टार्टअप्स के बीच फेस—ऑफ का भी आयोजन हुआ।


