राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले की शुरुआत आज भक्ति, आस्था और उत्साह के साथ हो गई। आठ दिनों तक चलने वाले इस भव्य मेले में देशभर से करीब 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
इस बार मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। लगभग 120 बंगाली कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर फूलों और रोशनी से दरबार को अलौकिक रूप दिया है। मुख्य सिंहद्वार पर भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
भीड़ प्रबंधन के लिए 14 लाइनों में जिग-जैग कतारों की व्यवस्था की गई है, जिससे कम समय में दर्शन संभव हो सके। VIP दर्शन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके। रींगस से खाटूधाम तक पदयात्रियों के लिए 17 किलोमीटर लंबा विशेष पैदल कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे वाहन और पैदल यात्री अलग-अलग रह सकें।
मेले के दौरान डीजे, इत्र और बड़े निशान पर प्रतिबंध लगाया गया है। पूरे कस्बे को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है और 2000 ई-रिक्शा सेवा चलाई जा रही है। सुरक्षा के लिए 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, साथ ही CCTV और QR कोड आधारित पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है।


