नई दिल्ली। वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इन बच्चों का चयन देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से किया गया। पुरस्कार पाने वाले बच्चों में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अद्भुत प्रतिभा और साहस का प्रदर्शन करने वाले बच्चे शामिल हैं।
14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भी यह पुरस्कार मिला। वैभव ने विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेला, क्योंकि वे दिल्ली में पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए मौजूद थे। वैभव ने अब तक कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने सबसे ज्यादा छक्के मारे और लिस्ट-A क्रिकेट में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
पुरस्कार पाने वाले बच्चों में फिरोजपुर, पंजाब के श्रवण सिंह भी शामिल हैं। 10 वर्षीय श्रवण ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, छाछ और लस्सी पहुंचाकर साहस और सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया। श्रवण ने पुरस्कार पाकर खुशी जताई और कहा कि उन्होंने कभी इसके लिए सपना भी नहीं देखा था।
इस वर्ष दो बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार भी दिया गया। इनमें तमिलनाडु की 8 वर्षीय व्योमा प्रिया और बिहार के कमलेश कुमार शामिल हैं। व्योमा ने 6 साल के एक बच्चे को बचाने के लिए अपने जीवन की आहुति दी। कमलेश कुमार भी साहस का प्रतीक बनकर अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद करने में पीछे नहीं रहे। उनके पुरस्कार उनके माता-पिता ने ग्रहण किए।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी विजेता बच्चों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने वीर साहिबजादों के साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि छोटी उम्र में बड़े लक्ष्य और चुनौती को स्वीकार करना ही सच्ची वीरता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार पाने वाले बच्चों और उनके परिवारों को बधाई दी और कहा कि ये बच्चे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उनकी टीम की भी सराहना की, जिन्होंने प्रतिभाशाली बच्चों के लिए यह समारोह आयोजित किया।
इस बार पुरस्कार पाने वाले बच्चों में विज्ञान, खेल, सामाजिक सेवा और साहस के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता दिखाने वाले बच्चे शामिल हैं। महाराष्ट्र के 17 वर्षीय अर्णव महर्षि को विज्ञान क्षेत्र में पुरस्कार मिला। अर्णव ने एक AI सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन विकसित किया, जिसे भारत सरकार द्वारा पेटेंट और कॉपीराइट किया गया है।
वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्रों—अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह साहिबजादे—की शहादत के सम्मान में मनाया जाता है। 26 दिसंबर 1705 को उन्हें मुगल सेना ने शहादत दी थी। पीएम मोदी ने 2022 में 26 दिसंबर को इसे वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।


