राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सनातन मंगल महोत्सव को एतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और समावेशी सोच रखने वाली है। इस तरह के आयोजन सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने वाले है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई ताकत नहीं है जो सनातन संस्कृति के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति को मिटा सके। इसी श्रद्धा के कारण ये संस्कृति सुरक्षित है । महाभारत और रामायण जैसे ग्रन्थ इसी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं।
राज्यपाल बागडे ने शुक्रवार को हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के तत्वावधान में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह में शिरकत की। उन्होंने वहाँ श्रीमद भागवत महापुराण कथा श्रवण कर श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

राज्यपाल ने कहा कि आठवीं सदी से ही सनातन संस्कृति को नष्ट करने के कई प्रयास होते रहे लेकिन आक्रमणकारी कभी सफल नहीं हो पाए। हमारे साधु संतों के सनातन संस्कृति ओर धर्म को बचाने का कार्य करने से ये सदा सुरक्षित रही। राज्यपाल ने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
राज्यपाल ने सनातन मंगल महोत्सव के तहत हो रहे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्व शांति, सर्व संकट निवारण एवं विश्व कल्याण की भावना से प्रतिदिन हो रहे वैदिक अग्नि अनुष्ठान श्री पंचकुण्डीय विष्णु महायज्ञ, श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी, अनवरत अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए मंगल कामना की।


