राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा का परिणाम इस वर्ष कई मायनों में खास रहा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा घोषित इस रिजल्ट में सीकर जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। जिले का कुल परिणाम 97.43 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है।
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा सीकर के लोसल क्षेत्र की छात्रा प्रियांशी सुंडा की रही, जिन्होंने 99.83 प्रतिशत अंक हासिल कर राजस्थान में टॉप किया। प्रियांशी एक किसान परिवार से आती हैं, जिससे उनकी सफलता और भी प्रेरणादायक बन जाती है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।
सीकर जिले में इस वर्ष कुल 46,601 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 46,043 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। लड़कों का परिणाम 97.38 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कियों ने 97.48 प्रतिशत परिणाम के साथ बाजी मारी। जिले में प्रथम श्रेणी से 32,000 से अधिक विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जो शिक्षा के प्रति क्षेत्र की गंभीरता को दर्शाता है।
प्रियांशी के अलावा जिले के अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। प्रिंस स्कूल की चेष्टा शर्मा, भारतीय पब्लिक स्कूल की दिव्यांशी और मैट्रिक्स की यशस्वी ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इन सभी छात्रों की सफलता ने यह साबित किया कि सीकर शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इस वर्ष बोर्ड परिणाम को लेकर एक और खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार 10वीं का परिणाम मार्च महीने में घोषित किया गया, जबकि आमतौर पर यह मई या जून में आता था। साथ ही 10वीं का रिजल्ट 12वीं कक्षा से पहले जारी किया गया, जो एक नई पहल मानी जा रही है।
सीकर जिले का यह प्रदर्शन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उसकी मजबूती को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है।


