नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इस बार कुल 15 अहम बदलाव किए गए हैं, जिनमें गैस सिलेंडर की कीमत, रेलवे टिकट नियम, टोल पेमेंट, टैक्स व्यवस्था और सैलरी स्ट्रक्चर तक शामिल हैं।
सबसे बड़ा असर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से पड़ा है। सरकारी तेल कंपनियों ने सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2078.50 और चेन्नई में ₹2246.50 हो गई है। इससे रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग सेवाओं का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है।
रेलवे यात्रियों के लिए भी नियम बदल गए हैं। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह समय 4 घंटे था। इसके अलावा, यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इससे जहां समय पर टिकट कैंसिल न करने पर नुकसान होगा, वहीं कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
टोल और फास्टैग से जुड़े नियम भी बदल गए हैं। अब सभी टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भुगतान केवल फास्टैग या UPI से ही होगा। साथ ही, फास्टैग एनुअल पास की कीमत में 2.5% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब यह पास ₹3000 की जगह ₹3075 में मिलेगा।
वाहन खरीदने वालों को भी झटका लगा है। 1 अप्रैल से कॉमर्शियल और पैसेंजर गाड़ियों की कीमतों में 2% से 3% तक की बढ़ोतरी हो गई है। इसका असर सीधे नई कार खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
टैक्स और बैंकिंग सेक्टर में भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। अब ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह केवल ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा, जिससे टैक्सपेयर्स के बीच भ्रम कम होगा। इसके अलावा, फॉर्म 16 की जगह अब नए फॉर्म 130 और 131 लागू किए गए हैं, जिनमें टैक्स से जुड़ी जानकारी अधिक विस्तृत होगी।
HRA (हाउस रेंट अलाउंस) पर टैक्स छूट लेने के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब कर्मचारियों को रेंट रसीद जमा करनी होगी और यदि सालाना किराया ₹1 लाख से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा।
बैंकिंग सेक्टर में पंजाब नेशनल बैंक ने ATM से नकदी निकालने की लिमिट घटा दी है। क्लासिक डेबिट कार्ड से अब ₹25,000 और प्लैटिनम कार्ड से ₹50,000 प्रतिदिन ही निकाले जा सकेंगे।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर भी नया टैक्स नियम लागू हुआ है। अब केवल उन्हीं निवेशकों को टैक्स छूट मिलेगी, जिन्होंने इसे सीधे RBI से खरीदा है। बाजार से खरीदे गए बॉन्ड पर अब टैक्स देना होगा।
सबसे बड़ा असर सैलरी स्ट्रक्चर पर पड़ सकता है। नए लेबर कोड के तहत अब बेसिक सैलरी CTC का कम से कम 50% होना जरूरी है। इससे इनहैंड सैलरी कम हो सकती है, लेकिन PF और ग्रेच्युटी जैसे रिटायरमेंट फंड में बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा, नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। अब फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 90 दिन के बजाय 2 कार्यदिवस में करना होगा।
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुआ है। अब जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं होगा, इसके लिए अन्य दस्तावेज देने होंगे।


