Udaipur News: उदयपुर में शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन भारत की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाता है। देशभर से आए विशेषज्ञ पर्यटन के विकास, डिजिटल और सस्टेनेबल टूरिज्म पर चर्चा कर रहे हैं।
लेकसिटी उदयपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई, जिसमें देशभर से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया।
कॉन्फ्रेंस में केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल, विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित हैं। इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना है।
पर्यटन विकास पर बहुआयामी चर्चा
कॉन्फ्रेंस के दौरान कई सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, डिजिटल टूरिज्म, हेरिटेज साइट्स के संरक्षण, और सस्टेनेबल टूरिज्म जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह विचार-विनिमय देश की दिशा तय करेगा
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन केवल रोजगार और अर्थव्यवस्था को नहीं बढ़ाता, बल्कि भारत की सांस्कृतिक छवि को विश्व मंच पर सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का मंच है, जहां विभिन्न राज्य अपने नवाचारी पर्यटन मॉडल साझा कर रहे हैं।
शेखावत ने बताया कि कई राज्यों में समान प्रकार के अनुभव और थीम देखने को मिलते हैं, इसलिए इस मंच से विचार साझा करने से सभी राज्यों को अपने पर्यटन मॉडल को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन हमारे लिए आंखें खोल देने वाला अनुभव साबित होगा और भारत को वैश्विक स्तर पर नए रूप में प्रस्तुत करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि को इस पहल की प्रेरणा बताया और कहा कि यह आयोजन भारत के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा।


