मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे के कारण सोमवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास 7 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहनों में तुरंत आग लग गई। हादसे में कम से कम 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 66 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर पहुंचे रिपोर्टरों के अनुसार जली हुई बसों के अंदर मानव अंग फंसे हुए दिखाई दिए। एक युवक ने बताया कि उसने खुद बसों से 8-9 शव बाहर निकाले। जली हुई लाशों के अवशेषों को 17 पॉलिथीन बैग में भरकर अस्पताल भेजा गया है। मृतकों की पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए की जाएगी।

हादसे में घायल लोगों को 20 से अधिक एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। एक चश्मदीद के मुताबिक लगभग 150 लोगों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब 6 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्थिति पर काबू पाया गया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया था, जिसे मलबा हटाने के बाद धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे पर अत्यधिक घना कोहरा था। अचानक एक बस ने रफ्तार कम की, जिसके चलते पीछे से आ रहे वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास ने बताया कि टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे कोई बम फट गया हो। लोग जान बचाने के लिए बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूदते नजर आए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।


