मस्कट, ओमान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने ओमान दौरे के दूसरे दिन भारतीय समुदाय और छात्रों के साथ बातचीत की और भारत-ओमान बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने बीते 11 वर्षों में न केवल नीतियों में बदलाव किया है, बल्कि अपने आर्थिक डीएनए को भी बदला है। उन्होंने कहा कि जीएसटी और दिवालिया संहिता जैसे सुधारों ने पारदर्शिता बढ़ाई और निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
पीएम मोदी ने बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता 21वीं सदी में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह समझौता व्यापार को नई गति देगा, निवेश में भरोसा पैदा करेगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और ओमान के बीच रिश्ते विश्वास की नींव पर बने हैं और समय के साथ और गहरे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में विविधता हमारी संस्कृति की ताकत है। हर दिन नए रंग, हर मौसम नया त्यौहार और हर परंपरा नई सोच लेकर आती है। यही कारण है कि भारतीय दुनिया के किसी भी हिस्से में जाएं, वे वहां की संस्कृति और नियमों का सम्मान करते हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दिवाली को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किया है, जिससे यह त्योहार न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में रोशनी और सद्भाव का संदेश फैलाएगा।
उन्होंने भारत-ओमान ‘मैत्री पर्व’ का भी जिक्र किया और बताया कि MAITRI का अर्थ है: M – Maritime Heritage (समुद्री विरासत), A – Aspirations (आकांक्षा), I – Innovation (नवाचार), T – Trust & Technology (विश्वास और तकनीक), R – Respect (सम्मान), और I – Inclusive Growth (समावेशी विकास)। पीएम मोदी ने कहा कि यह पर्व दोनों देशों की मित्रता और साझा सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने भारत के तेज आर्थिक विकास, शिक्षा और विज्ञान में प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ओमान में भारतीय स्कूलों में 46 हजार छात्र पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसी संस्थाओं में विस्तार और अंतरिक्ष मिशनों में उपलब्धियों का उल्लेख किया। भारत ने चंद्रमा के साथ-साथ दक्षिणी ध्रुव तक पहुँच बनाई है और जल्द ही अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते हमेशा समुद्री व्यापार से जुड़े रहे हैं। अरब सागर के जरिए मांडवी और मस्कट के बीच बने संबंधों ने संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्र की लहरें बदल सकती हैं, मौसम बदल सकता है, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में मजबूत बनी रहेगी।


