मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंजीकृत गोशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में पानी-चारा सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की सघन ऑडिट करते हुए बेहतर प्रबंधन और संचालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में गोपालन और कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी ‘आदर्श गोशालाएं’ बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य करें। गोशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के क्रम में गौ-काष्ठ मशीनों का संचालन सहित नवीन तकनीकों का समावेश किया जाए। आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में गौ उत्पादों की महत्ता के बारे में गोशाला समितियों को जागरूक करें।
समितियों के प्रबंधन और संचालन को बनाएं और पारदर्शी,
गौ संरक्षण के कार्यों में भामाशाहों को करें प्रोत्साहित –
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोशालाओं के प्रबंधन और संचालन में संबंधित समिति की जिम्मेदारी तय की जाए। समिति की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आवश्यक सुधार के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए। उन्होंने गोशालाओं के संचालन में भामाशाहों और आमजन के सहयोग को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि व्यापक स्तर पर गौ सेवा के कार्य हो सके।
मोबाइल वेटनरी सेवा की करें नियमित ऑडिट-
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं के उपचार के लिए टोल फ्री मोबाइल वेटनरी सेवा के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। सेवा से संबंधित वाहनों के रूट, उपलब्ध दवाओं की नियमित ऑडिट करते हुए पशुपालकों को वास्तविक लाभ सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने रबी सीजन में यूरिया और डीएपी की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। जिला कलक्टर्स कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेश भर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से डीएपी व यूरिया का वितरण सुनिश्चित करें।
जैविक खेती के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित-
मुख्यमंत्री ने कृषि और सहकारिता विभाग को उर्वरकों का वितरण ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा प्राथमिकता से कराने के संबंध में योजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में आगामी वर्ष मई-जून में एक कार्यक्रम भी आयोजित जाए। उन्होंने जैविक खेती के संबंध में किसानों के प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए भी निर्देशित किया।
राजस्थान में एग्रीकल्चर हब बनने की क्षमता-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में एग्रीकल्चर हब बनने की पूर्ण क्षमता है। अधिकारी प्रदेश की गुणवत्तापूर्ण उपज की देश-विदेश में व्यापक स्तर पर मार्केटिंग की योजना बनाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के अंतर्गत मिनी बीज किटों की वितरण प्रणाली प्रबंधन को और पारदर्शी बनाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने रबी 2025 में अक्टूबर से दिसंबर माह की अवधि तक यूरिया और डीएपी की उपलब्धता की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जा रही है। राज्य के किसानों के लिए 11 लाख 35 हजार मैट्रिक टन यूरिया की मांग के विरूद्ध 12 लाख 73 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है।


