राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध सांभर झील एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सांभर महोत्सव 2025 का शुभारंभ शनिवार को प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। यह महोत्सव 31 दिसंबर तक चलेगा और पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा।
उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि सांभर क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है। यहां लोक संस्कृति, पक्षी पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इस महोत्सव के जरिए स्थानीय कला, संस्कृति, खान-पान और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह उत्सव सांभर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा और राज्य के ईयर-राउंड टूरिज्म विजन को मजबूती देगा।
महोत्सव को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जयपुर से आए पर्यटक प्रशांत ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें फेस्टिवल की जानकारी मिली और पहली बार यहां आकर पैराग्लाइडिंग, पैरासेलिंग, कैमल राइड और हॉर्स राइड का रोमांचक अनुभव लिया। वहीं पर्यटक प्रियंका सोनी ने कहा कि सांभर झील की रंग-बिरंगी नमक की क्यारियां और प्रवासी पक्षी मन को बेहद सुकून देते हैं।
महोत्सव में एडवेंचर और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। पर्यटक पैरामोटरिंग, पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग का आनंद ले सकते हैं, जबकि झील की सफेद सतह पर हेरिटेज ट्रेन, ऊंट और घुड़सवारी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शनिवार शाम देवयानी तीर्थ सरोवर पर हजारों दीपकों से महाआरती का आयोजन होगा। 28 से 30 दिसंबर तक लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग राजस्थानी नृत्य-संगीत प्रस्तुतियां दी जाएंगी। झील किनारे विकसित टेंट सिटी में स्टार गेजिंग, फूड क्राफ्ट जोन में पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प प्रदर्शनी पर्यटकों को खास अनुभव दे रही है।


