जयपुर के भांकरोटा थाना क्षेत्र में अजमेर रोड स्थित महापुरा मोड़ के पास राजेश मोटर्स की जेसीबी वर्कशॉप में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में वर्कशॉप से उठते धुएं के गुबार 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगे। घटना के बाद वर्कशॉप और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से अजमेर रोड पर एक लेन का यातायात रोक दिया गया और नजदीक स्थित पेट्रोल पंपों को भी बंद करवा दिया गया।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर आग लगी, उसके ठीक बगल में डी मार्ट और धराव स्कूल स्थित है, जबकि कुछ ही दूरी पर तीन पेट्रोल पंप भी हैं। ऐसे में आग के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया था। घटना के समय वर्कशॉप परिसर में करीब 80 अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। आग लगते ही सभी लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। इस दौरान सिविल डिफेंस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए 12 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

आग की चपेट में आने से वर्कशॉप में रखा फर्नीचर, टायर, महत्वपूर्ण दस्तावेज, करीब 5000 लीटर केमिकल, ग्रीस और तेल जलकर खाक हो गए। इसके अलावा कुछ जेसीबी मशीनें और उनके पार्ट्स भी पूरी तरह नष्ट हो गए। आग की भयावहता को देखते हुए मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि राहत कार्य के बाद भी परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। रात करीब 10 बजे वर्कशॉप के एक हिस्से में दोबारा आग भड़क उठी, जिसे मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड टीम ने तुरंत बुझा दिया। इसके बावजूद देर रात तक केमिकल और ऑयल के ड्रमों में रुक-रुककर आग सुलगती रही, जिस पर लगातार नजर रखी गई।
थानाप्रभारी श्रीनिवास जांगिड़ ने बताया कि भांकरोटा इलाके में अजमेर रोड पर स्थित जेसीबी कंपनी के वर्कशॉप में शाम करीब साढ़े पांच बजे आग लगी थी। कर्मचारियों ने पहले फायर सिस्टम की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई।
गौरतलब है कि यही इलाका पहले भी हादसों को लेकर चर्चा में रहा है, क्योंकि इसी क्षेत्र में पूर्व में एलपीजी टैंकर में भीषण विस्फोट की घटना हो चुकी है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि समय रहते बड़ा हादसा टल गया।


