भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने का निर्देश दिया है। यह फैसला बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर जारी हिंसा और भारत में उठे तीखे विरोध के बीच लिया गया है। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर रहमान को आईपीएल में खेलने से रोकने की मांग तेज हो गई थी।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रमों को देखते हुए बोर्ड ने KKR को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि फ्रेंचाइजी किसी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की मांग करती है, तो उसे नियमानुसार अनुमति दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 14 दिनों में वहां तीन हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। इसी वजह से भारत में कई संगठनों और नेताओं ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर सवाल उठाए।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सबसे पहले KKR के मालिक शाहरुख खान से अपील की थी कि वे मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करें। निरुपम ने कहा था कि जब पूरा देश बांग्लादेश में हो रही घटनाओं को लेकर गुस्से और नाराजगी में है, तब एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में मौका देना देश की भावनाओं के खिलाफ है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भारतीय धरती पर आईपीएल खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इस मुद्दे पर धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख खान और KKR मैनेजमेंट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या, घरों को जलाना और महिलाओं पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे हालात में उसी देश के खिलाड़ी को टीम में शामिल करना असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने शाहरुख खान से माफी मांगने और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताने की बात कही।
देवकीनंदन ठाकुर के अलावा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी मुस्तफिजुर रहमान को KKR से हटाने की मांग की थी। अब BCCI के इस फैसले के बाद विवाद पर विराम लगता नजर आ रहा है।
गौरतलब है कि IPL 2026 की शुरुआत 26 मार्च से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा। इस फैसले के बाद KKR के लिए नए विकल्प तलाशने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।


