जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने केंद्रीय बजट 2025-26 देश को नई ऊंचाई देने और आत्मनिर्भर बनाने वाला साबित होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने बजट से ‘विकसित भारत’ का रोडमैप प्रस्तुत किया है। श्री रावत ने कहा कि यह बजट भारत सरकार के सुशासन का प्रतीक है, जो कि देशवासियों के प्रति दृढ़ विश्वास को दर्शाता है।
सुरेश सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रधानमंत्री के मूलमंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को साकार करने वाला है। देश के साथ-साथ राजस्थान के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। देश की युवा शक्ति, महिलाओं और आमजन की आकांक्षाओं को पूरे करने और उनकी क्षमता वृद्धि को केन्द्रबिन्दु में रखा गया है। यह बजट मध्यम वर्ग और किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव रखता है। मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आईटी सर्विसेज और डेटा सेंटर्स के विस्तार से रोजगार और स्टार्टअप को मजबूती मिलेगी।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि बजट में आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ‘सेमीकंडक्टर मिशन‘ के तहत बड़ी घोषणाएं की गई हैं। देश में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किया जाएगा, जिससे भारत अपनी जरूरतों को अपने ही संसाधनों से पूरा कर सकेगा। यानी दूसरे देशों पर निर्भरता नहीं रहेगी।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लगातार रक्षा बजट को बढ़ाया जा रहा है। इस बार भी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे सेना के आधुनिकीकरण पर फोकस रहेगा।


