उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के तहत आयोजित आर्किटेक्चर फेस्टिवल का शुभारंभ किया। सीतापुरा के जेईसीसी में आयोजित इस कार्यक्रम में 12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राजस्थान की स्थापत्य विरासत, पत्थर उद्योग और शिल्प परंपरा को वैश्विक पहचान मिलेगी। राजस्थान का पत्थर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। राम मंदिर, अक्षरधाम मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों और प्रतिष्ठित होटलों के साथ ही ऐतिहासिक इमारतों में राजस्थान का पत्थर लगा है। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि यहां की माटी और पत्थर का योगदान पूरी दुनिया में दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट का आयोजन हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प और मार्बल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे प्रदेश के छोटे–छोटे कारीगरों और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े शिल्पकारों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। इससे उन्हें न केवल सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि निर्यात के भी अवसर बढ़ेंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को ध्यान में रखते हुए पुरानी ऐतिहासिक इमारतों में मौजूद स्थापत्य और डिजाइन को नई इमारतों में अपनाया जाना चाहिए। जयपुर का विश्व वास्तुकला में एक विशेष स्थान है। जयपुर अपने आर्किटेक्चर के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यह दुनिया की पहली प्लान्ड सिटी है।
इस दौरान लघु उद्योग भारती, सीडोस के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आर्किटेक्ट मौजूद थे।


