संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल है।
डॉ. अनुज अग्निहोत्री पहले भी यूपीएससी परीक्षा में सफल हो चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश सिविल सेवा (DANICS) में चयन प्राप्त किया था। उन्हें दिल्ली में एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिली थी और उन्होंने दिसंबर 2024 में अपनी सेवाएं जॉइन की थीं। हालांकि उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) हासिल करना था, जिसके लिए उन्होंने दोबारा प्रयास जारी रखा।
अपने दूसरे प्रयास में अनुज ने यूपीएससी की मेंस परीक्षा तो पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू में उनका चयन नहीं हो पाया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में जबरदस्त वापसी करते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया।
अपनी सफलता पर डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने कहा कि अगर इस बार सफलता नहीं मिलती तो वह अगले प्रयास की तैयारी में जुटे रहते। उन्होंने कहा, “यूपीएससी एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। आज मैं सफल हो गया हूं तो यह आसान लग रहा है, लेकिन इसके पीछे लगातार मेहनत और धैर्य जरूरी होता है।”
उन्होंने बताया कि इंटरव्यू की तैयारी के दौरान वह लोगों से बातचीत करके सीखने की कोशिश करते थे। उन्होंने इंटरव्यू से जुड़ा एक रोचक अनुभव भी साझा किया। अनुज ने बताया कि अगर इंटरव्यू के दौरान उनसे किसी गाने के बारे में पूछा जाता तो उन्होंने इसके लिए भी तैयारी की हुई थी और उन्होंने “मुझको भी तो लिफ्ट करा दे” गाना सोच रखा था।

डॉ. अनुज का शैक्षणिक बैकग्राउंड मेडिकल साइंस से जुड़ा रहा है। इसलिए इंटरव्यू के दौरान उनसे मेडिकल साइंस से संबंधित कई सवाल पूछे गए। इसके अलावा राजस्थान के इतिहास और संस्कृति पर भी सवाल किए गए। अनुज ने बताया कि उनसे पूछा गया था कि राजस्थान के इतिहास को किसने प्रसिद्ध किया। इस सवाल के जवाब में उन्होंने इतिहासकार जेम्स टॉड का नाम बताया। साथ ही उनसे मीरा बाई और उनके गुरु के बारे में भी प्रश्न पूछे गए।
अनुज की इस सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि अनुज बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी था और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहता था।
अनुज की मां मंजू अग्निहोत्री, जो कि गृहिणी हैं, ने बताया कि उन्होंने बेटे की पढ़ाई के दौरान उसके खान-पान और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि अनुज की सफलता उसकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।
डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने एम्स जोधपुर से साल 2023 में MBBS की पढ़ाई पूरी की है। इससे पहले वर्ष 2017 में उन्होंने एम्स की ऑल इंडिया मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में 215वीं रैंक हासिल की थी। उनकी स्कूली शिक्षा रावतभाटा स्थित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से हुई, जहां 12वीं कक्षा में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
पढ़ाई के साथ-साथ अनुज को खेलों में भी रुचि है। उन्हें टेबल टेनिस खेलना काफी पसंद है। आज उनकी सफलता देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।


