आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्मिकों के क्षमतावर्धन के उद्देश्य से जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को वित्तीय साक्षरता एवं वित्त प्रबंधन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह पहल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक दक्ष, जागरूक एवं उत्तरदायी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वित्तीय रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे न केवल अपने व्यक्तिगत वित्तीय निर्णय बेहतर तरीके से ले सकें बल्कि आमजन को भी योजनाओं एवं वित्तीय प्रबंधन के संबंध में प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।
कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ लेखाधिकारी आशीष नागर द्वारा किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता अतिरिक्त निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग रामपाल परसोया ने वित्तीय साक्षरता, बीमा एवं सेवानिवृत्ति योजना प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी देते हुए आय-व्यय संतुलन, नियमित बचत एवं भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बीमा एवं पेंशन योजनाओं के महत्व को रेखांकित किया।
एसबीआई, जयपुर के टीम लीडर (संबंध प्रबंधक) मनीष गुप्ता ने निवेश के सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्पों, जोखिम प्रबंधन तथा दीर्घकालिक वित्तीय योजना के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार के नवाचारों के माध्यम से कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को बहुआयामी रूप से सशक्त बनाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। अंत में सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय मेघराज मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर तृतीय संजय कुमार माथुर, अतिरिक्त जिला कलक्टर चतुर्थ आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर उत्तर केश मूंड एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर दक्षिण जयपुर शहर युगांतर शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जयपुर, कोषाधिकारी जयपुर शहर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


