राज्य में शहरी विकास परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0), स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) तथा राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
पीएमएवाई में जिला-स्तरीय रैंकिंग की होगी नियमित समीक्षा-
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2026–27 में लगभग 75 हजार आवासों की स्वीकृति भारत सरकार से सुनिश्चित की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु लगभग 475 करोड़ रूपये की अनुदान राशि समयबद्ध रूप से वितरित की जाए। साथ ही, शहरी आवास योजना की जिला-स्तरीय रैंकिंग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS) के अंतर्गत राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के साथ समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों तक समय पर सब्सिडी पहुंचाने पर जोर दिया।
स्वच्छ भारत मिशन में वेस्ट टू एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा-
बैठक में मुख्य सचिव ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत वर्ष 2026–27 में लगभग 600 करोड़ रूपये व्यय किए जाने की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मिशन के अंतर्गत प्रतिमाह एक वेबिनार आयोजित किया जाए, जिसमें दो नगरीय निकाय अपने श्रेष्ठ प्रथाओं (Best Practices) एवं स्वच्छ सर्वेक्षण से संबंधित प्रस्तुतियां दें। उन्होंने स्वयं भी इन वेबिनार में सहभागिता की इच्छा व्यक्त की।
इसके अतिरिक्त, मिशन के अंतर्गत वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स को प्रोत्साहित करने एवं स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने नाथद्वारा स्थित श्रीनाथ मंदिर की सफ़ाई व्यवस्था की सराहना करते हुए प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों के स्वच्छता मॉडल से अन्य जिलों को भी प्रेरणा लेने के निर्देश दिए।
इस क्रम में उन्होंने प्रदेश की सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ सर्वेक्षण की फील्ड विजिट कर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए वेबिनार आयोजित की जाए जिसमें सभी नगर निकायों के अधिकारी उपस्थित रहें। उन्होंने स्वयं भी इस वेबिनार में शामिल होने की बात कही।
आमजन को आधारभूत सुविधाएं समय पर मिले-
बैठक में RUIDP के पांचवें चरण के अंतर्गत एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं वर्ल्ड बैंक से लगभग 9 हजार 501 करोड़ रूपये के ऋण के माध्यम से 67 शहरों में वेस्ट वाटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं अर्बन मोबिलिटी से संबंधित कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। साथ ही, परियोजना के पूर्व चरणों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन, निदेशक प्रतीक जुइकर, PMAY (U) एवं RUDSICO के प्रबंध निदेशक अरविंद पोसवाल, मुख्य अभियंता एवं परियोजना निदेशक प्रदीप गर्ग, स्वच्छ भारत मिशन के मुख्य अभियंता अरुण व्यास तथा RUIDP के अतिरिक्त परियोजना निदेशक हेमंत शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


