प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अन्तर्गत कम्पलायन्स रिडक्शन एंड डीरेगुलेशन के सफल प्रथम चरण के बाद अब दूसरा फेज संचालित किया जा रहा है।
उद्योग, व्यवसाय, वाणिज्य कम से कम समय में कम से कम प्रक्रिया के साथ शुरू करने के लिए प्रशासनिक और व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संचालित इस दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों में आ रही कुछ प्रशासनिक समस्याओं एवं प्रक्रियागत बाधाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनावश्यक नियमों, लाइसेंस निर्माण की जटिल प्रक्रियाओं को कम चरण व कम समय वाली करते हुए आमजन और उद्योगों के लिए सेवाओं को अधिक सुगम बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है। इसके लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष जोर दिया।
बैठक में उद्योग और एमएसएमई के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार, स्कूल शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


