लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा के सीएडी सभागार में कोटा-बूंदी क्षेत्र के पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम एवं कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक ली, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई, शिकायत निस्तारण एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
ओम बिरला ने कहा कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालय संचालन नहीं बल्कि आमजन में यह विश्वास स्थापित करना है कि उसकी बात सुनी जाती है, उसका सम्मान होता है और उसकी समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग आम जन की समस्याओं के समाधान की प्रक्रियाओं को अधिकतम सरल, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने की दिशा में तय समय में कार्य करें। श्री बिरला ने पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पेयजल से जुड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए।
घर तक पहुंचे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र—
लोकसभा अध्यक्ष ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र लोगों को घर पर ही पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु अथवा अन्य प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदन अधिकतम 48 घंटे के भीतर निस्तारित किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सर्वे एवं शिविर लगाकर छूटे हुए लोगों के प्रमाण पत्र त्वरित गति से बनाए जाएं।
जनसंवाद के दौरान यह सामने आया है कि कई घुमंतू परिवारों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र कभी बने ही नहीं, जिसके कारण वे विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। अभियान चलाकर इन्हें राहत दें।
प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश—
लोकसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करें तथा जोनवाईज सेनेटरी इंस्पेक्टर नियमित रूप से वार्डों में भ्रमण करें। जहां भी सफाई, नाली, बिजली अथवा अन्य नागरिक समस्याएं सामने आएं, उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कैथून सहित अन्य क्षेत्रों में नगर निगम के उप कार्यालय स्थापित किए जाएं, जहां पानी, बिजली, सफाई एवं अन्य सेवाओं से जुड़ी पूरी टीम उपलब्ध रहे। इन कार्यालयों में आमजन को तुरंत समाधान एवं संतोषजनक जवाब मिले। डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी सप्ताह में एक दिन इन कार्यालयों में बैठना सुनिश्चित करें जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को छोटी समस्याओं के लिए शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई एवं जवाबदेही तय हो—
लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा विकास प्राधिकरण एवं प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अतिक्रमण नियंत्रण के लिए विशेष पेट्रोलिंग टीमें गठित की जाएं। संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों की जवाबदेही तय की जाए तथा पेट्रोलिंग के दौरान जहां भी अतिक्रमण दिखाई दे, उस पर तत्काल कार्रवाई कर उसे हटाया जाए।
अपराध, नशे एवं चोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश—
लोकसभा अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को कोटा में अपराध, नशे एवं अवैध गतिविधियों को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में हो रही लाइट एवं अन्य सरकारी संपत्तियों की चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्राम पंचायत भवनों को समाधान केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश—
लोकसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत भवन समाधान केंद्र के रूप में कार्य करे, जहां सप्ताह में एक बार पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करें। उपखंड स्तर पर एसडीएम सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि आमजन की समस्याओं का समाधान अधिक सरल एवं त्वरित तरीके से हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग के पास अपने लाभार्थियों एवं प्रत्येक परिवार का समुचित डाटाबेस उपलब्ध होना चाहिए ताकि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
आधार, जनाधार एवं राशन कार्ड विसंगतियों दूर हो—
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आधार कार्ड, जनाधार कार्ड एवं राशन कार्ड में नाम अथवा अन्य विवरणों की विसंगतियों के कारण पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान एवं शिविर आयोजित किए जाएं ताकि आमजन को राहत मिल सके।
लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई—
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का परिवाद या कार्य लंबे समय तक किसी अधिकारी के स्तर पर लंबित रहना गंभीर विषय है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। छोटी प्रशासनिक बाधाओं के कारण यदि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित होता है तो यह प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। लोकसभा अध्यक्ष ने ई-मित्र संचालकों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए जिससे वे योजनाओं के लाभों के प्रति लोगों को प्रभावी रूप से जागरूक कर सकें।


