वित्त (राजस्व) विभाग की समीक्षा बैठक शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि एक्साईज पॉलिसी 2025 से राज्य के राजस्व में निश्चित ही बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सभी विभागों को प्रदेश में राजस्व बढ़ोतरी के लिए बेहतर प्रयास करने एवं बकाया राजस्व वसूली को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजस्व अधिकारियों को राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेही एवं प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में विस्तृत समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत सकारात्मकता के साथ की है। अप्रैल 2026 में कुल राजस्व प्राप्ति 11,235 करोड़ रूपए रही है जो पिछले वर्ष के अप्रैल माह की तुलना में 15.71% की वार्षिक वृद्धि दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट अनुमान 1,91,103 करोड़ रूपए निर्धारित किया गया है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से अप्रैल 2026 में 4,749 करोड़ रूपए का संग्रह हुआ है, जो कि माह अप्रैल 2025 की तुलना में 29.68% की भारी वार्षिक वृद्धि है। साथ ही, मूल्य वर्धित कर (वैट) से माह अप्रैल 2026 में 2,008 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित हुआ है जो कि अप्रैल 2025 की तुलना में 11.85% अधिक है। पंजीयन एवं मुद्रांक से अप्रैल 2026 में 1,121 करोड़ रूपए का संग्रह हुआ है, जो कि माह अप्रैल 2025 की तुलना में 31.68% अधिक रहा है। राजस्व वृद्धि को गति देने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और AI का उपयोग कर रही है। फर्जी करदाताओं की वास्तविक समय में पहचान के लिए ओवरआर्किंग AI-Driven Tax Intelligence System तैनात किया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पैट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव, वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकान्त, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन भवानी सिंह देथा, आयुक्त वाणिज्यिक कर आनन्दी, शासन सचिव, वित्त (राजस्व) कुमार पाल गौतम सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


