केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की राजनीति के जीवंत प्रतीक थे। उनका सपना था कि राजस्थान के हर घर में खुशहाली हो, हर हाथ को काम मिले और हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। आज देश और राजस्थान दोनों ही विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और पूरा विश्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को स्वीकार कर रहा है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री जोधपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत के मूर्ति अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. शेखावत ने राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता और नैतिकता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके जीवन मूल्य, संस्कार, कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा सदैव समाज और राजनीति को दिशा देती रहेगी।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय राजनीति में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की सोच की नींव भी बहुत पहले भैरोंसिंह शेखावत ने रखी थी। उनका मानना था कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह विचार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में भी भैरोंसिंह शेखावत लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अडिग रहे। उन्होंने जीवनभर स्वयं को लोकतंत्र का सच्चा सिपाही माना। राज्यसभा के सभापति के रूप में भी स्व. शेखावत ने कई नई परंपराओं की शुरुआत की।
सफल एवं कामयाब मुख्यमंत्री के तौर पर जाने जाएंगे भजनलाल शर्मा
उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री रहते हुए स्व. शेखावत द्वारा शुरू की गई अंत्योदय योजना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई। उनका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को संबल देना था। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे भैरोंसिंह शेखावत के अंत्योदय और जनसेवा के मार्ग पर चलते हुए गांवों तक जाकर आमजन से संवाद कर रहे हैं तथा प्रदेश के विकास के नए आयाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले 2 वर्षों से राजस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और आधारभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भजनलाल शर्मा सफल एवं कामयाब मुख्यमंत्री के तौर पर जाने जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में प्रदेश में जहां केवल लगभग 11.68 लाख ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचा था, वहीं मार्च 2025 तक 60 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक जलापूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति को सौम्यता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा दी। उन्होंने याद किया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने भैरोंसिंह के बारे में कहा था कि ‘मिट्टी से उठकर यह माटी का पुत्र आज पूरे देश के माथे का चंदन बन गया है।’ उन्होंने वर्ष 1998 के पोकरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान की वीर भूमि से भारत ने दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का संदेश दिया था। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री और भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के मुख्यमंत्री थे।
स्व. भैरोंसिंह शेखावत ने राजनीति को माना समाजसेवा का पवित्र दायित्व
जननायक के साथ राजनीति में नैतिक मूल्यों के बने प्रतीक
– मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरोंसिंह शेखावत लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रहरी और वंचितों की आवाज तथा राजनीति में नैतिक मूल्यों के प्रतीक थे। उन्होंने जननायक के रूप में सदैव गरीब, किसान और अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को धरातल पर उतारते हुए स्व. शेखावत ने अंत्योदय योजना शुरू की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. भैरोंसिंह शेखावत ने प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनेक दूरगामी निर्णय लिए। उन्होंने राजनीति को समाजसेवा का पवित्र दायित्व माना। उनका कहना था कि राजनीति का उद्देश्य केवल शासन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और सम्मान लाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश के ऊंचे संवैधानिक पदों तक पहुंचना भैरोंसिंह शेखावत की कर्मनिष्ठा, ईमानदारी और प्रतिभा का प्रमाण है। राजनीति में उन्हें ’धरती पुत्र’ कहा गया, क्योंकि वे गांव, किसान एवं मजदूर की पीड़ा को गहराई से समझते थे। बड़े पदों पर रहते हुए भी वे सामान्य नागरिक की तरह सहज और सरल बने रहे, यही कारण है कि वे सभी के प्रिय थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. भैरोंसिंह की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों में भी ईमानदारी, संघर्ष और समर्पण के बल पर महान ऊंचाइयों को प्राप्त करने की प्रेरणा देगी। हमें उनके जीवन से लोकतंत्र की गरिमा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए।

स्व. शेखावत का कार्यकाल प्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय
उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर स्व. शेखावत का कार्यकाल प्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। प्रदेश को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने जो छोटा पौधा लगाया था, जो आज वटवृक्ष के रूप में आगे बढ़ रहा है। उनकी सेवा भावना से प्रेरणा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’विकसित भारत’ के संकल्प के साथ हमारी सरकार ने पिछले लगभग ढाई वर्षों में किसान, महिला, युवा और गरीब के कल्याण के लिए कई कदम उठाएं हैं। हमारी सरकार ने 78 लाख किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध करवाया। इसी तरह पीएम कुसुम योजना के तहत 67 हजार सोलर पंप लगाने के साथ ही 2 लाख 18 हजार कृषि कनेक्शन जारी किए।
उन्होंने कहा कि इसी तरह महिला सशक्तीकरण की दिशा में हमारी सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित कर रही हैं। हमने 44 हजार से अधिक छात्राओं को स्कूटी और 13 लाख से अधिक छात्राओं को साइकिल वितरित की है। वहीं, 21 लाख से अधिक लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के लिए 4 लाख सरकारी नौकरी तथा निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार देने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में अब तक हमने सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति पत्र दिए हैं। वहीं, 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं तथा इस वर्ष के लिए सवा लाख का कैलेंडर निर्धारित किया है।
केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत को राजस्थान की वीर प्रसूता धरा का अद्वितीय विभूति पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने कर्म, कठोर परिश्रम, अटूट निष्ठा एवं निष्काम सेवा भाव से साधारण जीवन को असाधारण गौरव प्रदान किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शेखावत ने समाज, प्रदेश एवं राष्ट्र को भी विकास, सुशासन एवं लोककल्याण की नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शेखावत के प्रेरक संस्मरण आज की युवा पीढ़ी के लिए ऊर्जा, आदर्श एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा के अक्षय स्रोत हैं। जोधपुर से उनके आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा एवं संकल्प का जीवंत स्तंभ सिद्ध होगी।

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक जनप्रतिनिधि राजस्थान को विकास एवं जनकल्याण की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूर्ण समर्पण, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व भाव से अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
इससे पहले केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, जीव जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, सांसद पीपी चौधरी, विधायक अर्जुनलाल गर्ग, बाबू सिंह राठौड़, भैराराम सियोल, पब्बाराम विश्नोई, अरुण चौधरी, हमीर सिंह भायल, आदुराम मेघवाल, जीवाराम चौधरी, अतुल भंसाली, देवेन्द्र जोशी, पूर्व राज्यसभा सांसद गज सिंह, हेमलता राजे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।


