मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा की दृष्टि से देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है तथा प्रदेश में खनन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य में 82 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं और 57 खनिजों का दोहन किया जा रहा है। हमारी सरकार खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नीतिगत सुधार और बुनियादी ढांचे में विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार के अधिकारी केंद्र से समन्वय करते हुए नियमित बैठकें आयोजित करें। जिससे खनन क्षेत्र से संबंधित कार्य तय समय में पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय खान एवं कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी की गरिमामयी उपस्थिति में खान एवं कोयला विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स प्रदेश में बाड़मेर एवं बालोतरा जिले में लगभग 725 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई वृत्ताकार/अर्धवृत्ताकार आग्नेय चट्टानों की संरचना है। सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स एवं सिवाना ग्रेनाइट में रेयरअर्थ एलिमेंट एवं हेवी रेयरअर्थ एलिमेंट उपलब्ध है। साथ ही, आधुनिक तकनीकी एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में इसका राष्ट्रीय महत्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। वहीं, इस संबंध में खान विभाग एवं संबंधित जिला कलक्टर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करें, जिससे काम में तेजी आ सके।

जीएसआई द्वारा प्रदेश में चिन्हित साइट्स की जानकारी राज्य से हो साझा
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा राज्य में चिन्हित एवं अन्वेषित साइट्स की जानकारी राज्य सरकार के साथ साझा करंे, जिससे संरक्षण की दृष्टि से उपयुक्त भूमि का अन्यत्र प्रयोजन के लिए आवंटन नहीं हो। उन्होंने पर्यावरण स्वीकृति से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति देने के निर्देश दिए और कहा कि जिन खनिज ब्लॉक्स की नीलामी हो चुकी है, वहां पर शीघ्र ही उत्पादन कार्य शुरू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के लिए खान विभाग के अधिकारी नियमित बैठक कर कार्य योजना बनाएं, इससे खनन कार्य में भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी एवं कार्यों की पुनरावृत्ति से बचा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीतियों से देश में खनन क्षेत्र में हुआ व्यापक सुधार
केन्द्रीय खान एवं कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी के नेतृत्व में देश में खनन क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अन्वेषण, नीलामी और उत्पादन प्रक्रियाओं में गति आई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में क्रिटिकल मिनरल का बड़ा भण्डार उपलब्ध है। रक्षा, ऊर्जा, कृषि, सोलर, ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने का सामर्थ्य राजस्थान में है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रो-एक्टिव अप्रोच से राजस्थान खनन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन, निवेश अनुकूल वातावरण तथा पारदर्शी नीतियों के कारण राजस्थान खनन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार आपसी समन्वय से खनन से जुड़े सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान करें, जिससे निवेश एवं उत्पादन में वृद्धि हो।

बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कोल इंडिया-आरवीयूएनएल संयुक्त उपक्रम, सौर ऊर्जा परियोजनाओं, क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी, डीएमएफ फंड, पर्यावरण एवं वन स्वीकृतियां, खनिज ब्लॉक के शीघ्र संचालन, राज्य में संचालित विभिन्न भूवैज्ञानिक एवं खनिज अन्वेषण गतिविधियां तथा प्रदेश से संबंधित खनन मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खनन एवं पेट्रोलियम क्षेत्र में राज्य सरकार की नीतियों, केंद्र से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


