मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाया। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समस्त देशवासियों का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि भारत स्वच्छ और स्वस्थ बने। प्रधानमंत्री ने इसी सपने को जनभागीदारी के माध्यम से नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री डूंगरपुर में नागरिक अभिनंदन एवं स्वच्छता संदेश कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांवों में शौचालय निर्माण, शहरों में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता को लेकर देश में नई चेतना दिख रही है। स्वच्छता अब व्यवस्था के साथ ही संस्कार का विषय बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि डूंगरपुर की धरती ने स्वच्छता आंदोलन को एक नई पहचान देने का कार्य किया है। स्वच्छता को जनसहभागिता का उत्सव बनाया। जिसकी वजह से आज सब जगह डूंगरपुर मॉडल की चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि राजस्थान विकास के साथ ही स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम हो रहे विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। शहरों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। नगर निकायों को तकनीक आधारित व्यवस्थाओं से जोड़कर सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
राजस्थान में स्वच्छ भारत मिशन की उपलब्धियां
उन्होंने कहा कि हमने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत करीब 3 लाख व्यक्तिगत शौचालय और 5 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालय बनवाए हैं। साथ ही, 41 हजार से अधिक ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज और 21 जिलों में गोबरधन-परियोजना के तहत बायो-गैस संयंत्रों की स्थापना की गई है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 168 नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के लिए 454 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 348 पिंक टॉयलेट का निर्माण हो चुका है और तथा 356 पिंक टॉयलेट के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। 10 नगरीय निकायों को 28 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीन उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। सेवा पखवाड़ा के दौरान 5 हजार 845 चिकित्सा संस्थानों पर स्वच्छता शिविरों का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को स्वास्थ्य और पर्यटन से भी जोड़कर देख रही है। स्वच्छ शहर निवेश को आकर्षित करते हैं, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर और बांसवाड़ा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ राजस्थान पोस्टर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक शंकरलाल डेचा, राजस्थान के स्वच्छता एम्बेसडर के. के. गुप्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


