मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” की तैयारियों एवं विभागवार गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे व्यापक जन आंदोलन के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जल संकट वाले जिलों में अभियान को गंभीरता एवं गति के साथ लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टर्स से अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों एवं गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा अभियान के प्रत्येक घटक की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन सहयोग से जुड़ा सामाजिक दायित्व है, जिसमें गांव स्तर तक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने रात्रि चौपालों की अवधारणा पर विशेष जोर देते हुए प्रभारी सचिवों एवं अधिकारियों को गांवों में रात्रि चौपाल आयोजित करने तथा प्रत्येक अधिकारी को प्रति माह कम से कम एक रात्रि गांव में प्रवास करने के लिए कहा। उन्होंने सभी प्रमुख शासन सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का दौरा कर अभियान गतिविधियों की समीक्षा करने तथा जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। विभागों को लागत दक्षता एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त एवं शासन सचिव, पंचायती राज विभाग श्री जोगा राम ने अभियान की रूपरेखा एवं विभागवार गतिविधियों की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि अभियान के दौरान राज्यभर में जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल संरक्षण, पौधारोपण, श्रमदान, जनजागरूकता गतिविधियां, जल संरचनाओं का पुनर्जीवन तथा व्यापक जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर तक गतिविधियों की मॉनिटरिंग मोबाइल एप एवं रियल टाइम रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” का आयोजन 25 मई से 5 जून तक किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 25 मई को जल संरक्षण संकल्प एवं जनजागरूकता गतिविधियों से शुरुआत होगी। 26 से 31 मई तक विभिन्न विभागों द्वारा जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल संरक्षण, पौधारोपण, रैलियां, श्रमदान, स्कूल एवं ग्राम स्तर पर जनभागीदारी कार्यक्रम तथा जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के तेहत 1 जून को जल संरक्षण विषयक प्रदर्शनी एवं तकनीकी गतिविधियां आयोजित होंगी, जबकि 2 से 5 जून तक राज्यभर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जनसहभागिता आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यापक जनभागीदारी गतिविधियों के साथ किया जाएगा।
बैठक में संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, प्रभारी सचिव एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े।


